आत्मनिर्भर किसान से डरते हैं पूंजी पतियों के एजेंट: रमन मलिक

गुरुग्राम: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा कि आज किसानों को  दो रुपए और छे रुपए तक के चेक देने वाले किसानों के मसीहा बन रहे हैं। वे किसानों के मुद्दे को लेकर सड़कों पर आने का आडम्बर रच रहे हैं। वर्तमान में अपने को भारतीय किसान यूनियन के नेता कहकर अपने को किसान नेता दर्शाने वाले गुरनाम सिंह चडूनी जैसे लोग कभी भी किसानों के हितेषी नहीं बल्कि किसानों के अधिकार और किसानों के भविष्य को बेचने वाले व्यापारी हैं। यह सब किसान वर्ग भी जानता है। केंद्रीय कृषि मंत्री कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर  ने यह बात कल संसद में रखी थीl  की मंडी और एमएसपी  को कभी खत्म नहीं करा जाएगा।
उग्र प्रदर्शन और उसके बाद होने वाली कार्रवाही दोनों ही चीजें दुर्भाग्यपूर्ण है l
रमन मलिक ने कहा कि ऐसे लोग हरियाणा के किसान वर्ग का नेतृत्व नहीं करते, बल्कि हरियाणा के मेहनती किसानों के नाम पर यह लोग अपनी महत्वाकांक्षाओं को सिरे चढ़ाते हैं l फिर भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर एक को अपना पक्ष और अपना विचार रखने की स्वतंत्रता है और सरकार का कर्तव्य भी है कि वह बातचीत के लिए सभी को आमंत्रित करेंl मैं हरियाणा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पूर्व हरियाणा कृषि मंत्री ओपी धनकर का स्वागत करता हूं कि उन्होंने विषय की गंभीरता के ऊपर बिना संकोच कार्य कराकर तीन कृषि प्रधान सांसदों  की एक कमेटी गठन कर अनेकों किसान और संस्थाओं से बातचीत कर इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी जोकि आगे  संबंधित मंत्रालय या मंत्रियों के पास विचार के लिए भेजी जाएगीl इन सभी की चर्चा माननीय प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी से भी आज बातचीत करी।
भाजपा की सरकार हमेशा से किसानों के साथ हैं और यह सुनिश्चित कर रही है कि किसान ना व्यापारी से ना उद्योगपति से ठगा जा सके। लेकिन किसान को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह उन लोगों से भी ना ठगा जाए जो उसके नाम पर विभिन्न प्रकार से अपने आजीविका और राजनीति को साधते हैंl सरकार से बातचीत को सिरे से खारिज करना और यह कहना कि अध्यादेश को वापस लिया जाए, तभी बात करेंगे सिर्फ दर्शाता है कि यह लोग हठधर्मी हैं या फिर किसी विशेष विषय के लिए प्रायोजित हैंl क्योंकि अगर इनके कथन अनुसार तीनों अध्यादेश वापस ले लिए जाते हैं तो फिर कृषि मंत्री का इनके साथ बैठकर विचार विमर्श करने का औचित्य ही नहीं है l
मलिक ने आगे कहा कि देश में नरेंद्र मोदी वाली भाजपा सरकार और प्रदेश के अंदर मनोहर लाल जी की अध्यक्षता वाली सरकार ने अपने कर्मों के द्वारा सिद्ध करा है कि उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करा जिसकी पुष्टि स्वयं स्वामीनाथन जी ने भी करी।  वह स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट जो सालों भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता वाली कमेटी के विचार के लिए ठंडे बस्ते में पड़ी थी।
मलिक ने अपना वक्तव्य खत्म करते हुए कहा कि उनके सभी किसान भाइयों से अपील है कि वह “आत्मनिर्भर  कृषि कर आत्मनिर्भर किसान बने”।

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