आल कांटरैकचुअल कर्मचारी संघ ने प्रशासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ किया “रोष प्रदर्शन”

चंडीगढ़: कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्सिंग वर्कर्स  ने भारी संख्या में सेक्टर २० जामा मस्जिद के सामने वाले पार्क में एकत्रित होकर चंडीगढ प्रशासन की कर्मचारी विरोधी नीतियोंके  विरुद्ध रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने ये रोष प्रदर्शन रैगुलरा इजेशन, समानता व नौकरी की सुरक्षा के लिए किया।इस मौके कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

आल कांटरैकचुअल कर्मचारी संघ चंडीगढ़ के प्रेजिडेंट अशोक कुमार ने कहा कि प्रशासन दवारा कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की जगह नियमित नियुक्तियों के लिए शिक्षा, उच्च शिक्षा और अन्य विभागों में अतिथि शिक्षक, व्याख्याता, क्लर्क और अन्य श्रेणियों के पदों का विज्ञापन देने तथा 25 साल से संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए कोई केंद्रीय दिशा-निर्देश न होने और न ही प्रशासन दवारा पंजाब की रैगुलराइजेशन नीति 2011 से इन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को नियमित करने की चंडीगढ़ प्रशासन की नीतियों का विरोध किया जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन में अफसरशाही इतनी हावी है कि कर्मचारियों के हितों कि अनदेखी कि जा रही है, कर्मचारियों का इस कदर शोषण हो रहा है कि कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग कर्मचारी आज की डेट में मानसिक तनाव झेल रहे है। इन्हे हर समय नौकरी चले जाने का भय सताता रहता है।  

आल कांटरैकचुअल करमचारी संघ,यूटी चंडीगढ, के चेयरमैनविपिन शेरसिंह ने कहा की वर्तमान में चंडीगढ़ में लगभग  20000 कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत है।आउटसोर्सिंग श्रमिकों का शोषण और भेदभाव किया जा रहा है। जिनके बदले में निविदा या ठेकेदार के बदले में उनकी सेवाओं को बर्खास्त किया जा रहा है।    विभिन्न विभागों में सरकार नए वेब पोर्टल GeM के माध्यम से निविदाएं जारी कर रही हैं, प्रशासन द्वारा योग्यता के लिए नए कार्यकाल और शर्तों को लागू करने या ठेकेदारों द्वारा पैसे की मांग की जा रही है। पर उनकी सेवाओं को चंडीगढ प्रशासन दवारा सुरक्षित करने के लिए कोई दिशा निर्देश न  देने का भी विरोध करता है।  

उन्होंने कहा कि आल कांटरैकचुअल करमचारी संघ,यूटी चंडीगढ कॉन्ट्रैक्ट वआउटसोर्सिंग वर्कर्स की माँगों की आवाज बुलंद करने और इस शोषण और भेदभाव के खिलाफ व प्रशासन की गलत नीतियों के विरोध में एवं लड़ने के लिए यह “रोष-प्रदर्शन ” किया गया है ।उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारियों कि मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो आल कांटरैकचुअल करमचारी संघ,यूटी चंडीगढ, अपनी आवाज़ बुलंद करते हुए अपना प्रोटेस्ट तेज करेगा और अपनी आवाज़ बुलंद करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा ।

चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा कांटरैकट कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए निर्णय लेने में कमी होने के कारण और जनता के बड़े हित में उनके मुद्दों को हल करने की कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति न होने के कारण करमचारी संघ चंडीगढ प्रशासन के विरूद्ध जलद ही मोर्चा खोलेगा।

भारतीय मजदूर संघ के डेलिगेशन ने वरकरों को संबोधित किया व इस रोष प्रदर्शन को समर्थन भी दिया और भविष्य में चंडीगढ प्रशासन से इन समस्याओं को सुलझाने के लिए मदद का भरोसा दिलाया।

आल कांटरैकचुअल कर्मचारी संघ,य यू.टी., चंडीगढ़ की मांग निम्नानुसार हैं: –

1. GeM के माध्यम से निविदा के बदले पुराने आउटसोर्सिंग  वरकरस न बदलना ! निकाले गए वरकरस बहाल हों।

2. जेबीटी, टीजीटी, क्लर्क के स्वीकृत रिक्त पदों का विज्ञापन न करना जिस पर अतिथि शिक्षक, संविदा शिक्षक और क्लर्क कार्यरत हैं व पंजाब रैगुलराइजेशन पालिसी 2011 लागू करना ।

3. भारत सरकार के राजपत्रित अधिसूचना का कार्यान्वयन( वर्ष 2014) और माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार” पीजीआई व भारत सरकार के आडर 04 सितंबर 2019 के अनुसार ‘” समान कार्य – समान वेतन ” प्रदान करना ।  

4. डाटा एंट्री ऑपरेटर और समान कार्य के लिए स्वीकृति का लाभ – एनएचएम योजना के तहत काम करने वाले सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए समान वेतन या डी.सी. दरें देना।

5. संशोधित डीसी दरों का भुगतान और एम.सी की लायंस कंपनी के स्वच्छता कर्मचारियों को  w.e.f. 2018-19 के तहत बकाया देना।

6. सेंट्रल इंसटीचुउट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट, सेक्टर -42, चंडीगढ़ के सभी कर्मचारियों को डीसी रेट में वेतन देना।

7. गरिड, चंडीगढ़, सेक्टर 31 में आउटसोर्सिंग पर सभी कर्मचारियों न करना व वेतन में देरी न करना।

 8.स्कूल व कालोजों में लैब अटेंडेंट का डी.सी रेट कम न करना।

9.एजुकेशन डिपार्टमेंट में डी.सी.रेट इमपलाइज को मिले समान काम- समान वेतन ।

10. चंडीगढ में सभी मिड डे मील वरकरस व आशा वरकरस को मिले डी.सी रेट व मैडिकल सुविधा।

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