उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला में दर्ज हुये मामलों की जांच में तेजी लाने के दिये निर्देश।

 

पंचकूला, 7 जुलाई: उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने आज जिला सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय सर्तकता एवं निगरानी कमेटी की त्रिमासिक बैठक की अध्यक्षता की और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला पंचकूला में दर्ज केसों की समीक्षा की।

पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाकर आर्थिक सहायता प्रदान करना होना चाहिये, मुख्य उद्देश्य: उपायुक्त

बैठक में श्री विनय प्रताप सिंह ने पुलिस विभाग द्वारा ऐसे मामलों के लिये नियुक्त की गई नोडल अधिकारी को निर्देश दिये कि वे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला में दर्ज हुये मामलों की जांच में तेजी लाये ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाकर आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। साथ ही वह यह भी सुनिश्चित करें कि पुलिस जांच लंबित ना रहे और एक तय समय में मामलों की जांच की जाये।

जिला स्तरीय सर्तकता एवं निगरानी कमेटी के गैर सरकारी सदस्यों की भी होनी चाहिये सक्रिय सहभागिता:  उपायुक्त

उन्होंने निर्देश दिये कि जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय, पुलिस विभाग तथा जिला न्यायवादी कार्यालय आपस में सामंज्सय स्थापित करते हुये कार्य करें ताकि पीडित व्यक्तियों को शीघ्र न्याय मिल सके।

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 संशोधित 2016 के अंतर्गत गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा पीड़ित अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचारों जैसे भूमि का अनाधिकृत कब्जा, कत्ल, डकैती, बलात्कार, आगजनी आदि से पीड़ित व्यक्तियों को 85 हजार से 8.25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। पीड़ित व्यक्ति द्वारा संबंधित थाने में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) के तहत एफआईआर दर्ज हो। वह व्यक्ति इस स्कीम के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने का पात्र है।

उपायुक्त ने निर्देश दिये कि जिला स्तरीय सर्तकता निगरानी कमेटी के मनोनित गैर सरकारी सदस्यों की भी सहभागीता सुनिश्चित की जाये। इसके लिये उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निगरानी समिति के गैर सरकारी सदस्यों की एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिये। यह समिति संबंधित पुलिस थाने में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत मामला दर्ज होने के उपरांत पीड़ित पक्ष से मुलाकात करेगी व उसे उक्त अधिनियम के तहत कानूनी अधिकार व राज्य सरकार की योजना के अंतर्गत दी जा रही वित्तीय सहायता के बारे में अवगत करवायेगी।

पीड़ित को कानूनी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से इस कमेटी में लीगल वाॅलिंटीयर को भी शामिल किया जायेगा। इसके अलावा कमेटी पीड़ित पक्ष से बातचीत के दौरान सामने आये अन्य तथ्यों को भी रिपोर्ट के माध्यम से संबंधित जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

जिला में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत कोई भी पीड़ित गैर सरकारी सदस्यों अशोक गुप्ता (पंचकूला) के मोबाईल नंबर 9779379900, रामपाल मल्होत्रा (पंचकूला) के 9316134039, विनोद जैन (पंचकूला) के 9316114449, जशमेर सिंह (सूरजपुर) के 8221962012, गुरमेल सिंह (बरवाला) के 9416461058, बलिंदर (रायपुररानी) के 9896986806, रमेशचंद (पिंजौर) के 9816193202 और पुरूषोतम (मोरनी) के 8901259750 पर संपर्क कर सकता है।

बैठक में एसीपी ममता सौदा, जिला कल्याण अधिकारी शीश पाल, सीएमओ के प्रतिनिधि डाॅ. नवजौत तिवाना तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी व समिति के गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।