ऋण कौन लें, कब लें, कब लौटाएं, उतारने के क्या करें उपाय ?

चण्डीगढ़, मदन गुप्ता स्पाटु: वर्तमान समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे ऋण न  लेना पडे़ । चाहे मजदूर को रिक्शा लेना पड़े या उद्योगपति  को मशीनरी  खरीदनी पड़े,  बेघर को मकान खरीदना पड़े, कोई रोजगार करना  हो, पढ़ाई करनी हो, वाहन लेना हो , उच्च शिक्षा प्राप्त करनी हो  या विदेश भ्रमण करना हो , कहीं न कहीं ऋण का सहारा लेना ही पड़ता है। भारतीय कहावत है- दादा ले पोता बरते और दादा कर्जा ले तो पोता चुकाए।कृषक समाज में इस बात की चर्चा, मुंशी प्रेमचंद के साहित्य से लेकर वर्तमान किसान आन्दोलन तक जीवित है। क्रेडिट कार्डों के चलन ,लोन ऑन फोन, सरकारी लुभावने नारे, जीरो परसेंट ब्याज पर इजी लोन की व्यवस्था , घर घर कमेटियों और किटिट्यों की भेड़  चाल …….हर किसी को ऋण लेने के लिये आकर्षित करती है।

ज्योतिष की सहायता लें
यदि अच्छे मुहूर्त में ऋण लिया जाए तो उसकी अदायगी भी सुविधाजनक रहती है और ऋण का भुगतान भी जल्दी निपट जाता है। परंतु कर्ज लेना जितना आसान है, चुकाना उससे भी कठिन। यहां हम ज्योतिष के कुछ आजमाए हुए योग दे रहे हैं जिनका पाठक लाभ उठा सकते हैं।

ऋण कब लें ?
किसी भी प्रकार का ऋण लेना हो तो सर्वप्रथम ध्यान रखें कि मंगलवार के दिन न तो आवेदन करें न ही ऋण प्राप्त करें और न ही कोई लोन एग्रीमेंट साइन करें। इस दिन लिया गया कर्जा समाप्त होने का नाम ही नहीं लेता। कई बार इस का परिणाम मुकदमेबाजी तक हो जाता है। इसी प्रकार वृद्धि नामक योग हो अथवा संक्रान्ति हो तो भी लोन नहीं लेना चाहिए। ऐसे समय लिया गया कर्जा मंहगाई की तरह बढ़ता ही चला जाता है। रविवार को अमृतसिद्ध योग बनता हो तो भी ऋण चुकाने में परेशानी होती है। हस्त नक्षत्र चल रहा हो तो भी लौटाने में दिक्कत आती है। द्विपुष्कर, त्रिपुष्कर योगों  में भी ऐसी हालत से बचें।
स्वाति, पुनर्वसु, श्रवण, धनिष्ठा, शत्भिषा, मृगाशिरा, रेवती, चित्रा, अनुराधा, अश्विनी, पुष्य एवं विषाखा…….इन नक्षत्रों के समय लिया गया ऋण फलदायक रहता है और उसका भुगतान शीघ्र हो जाता है।

इसके अतिरिक्त चर लग्न अर्थात 1.4.7.10 मेष ,कर्क,तुला, व मकर में ऋण लेना लाभकारी रहता है। इस अवधि में बीमा पालिसी लेना भी अच्छा रहता है। जिन नक्षत्रों में ऋण लेना खराब है, उनमें लौटाना अधिक अच्छा रहता है। यदि आप किसी को ऋण देना चाहते हैं तो बुधवार को न दें मंगलवार को दें। बैंक, डाकखाने या किसी वित्तीय संस्था में फिक्सड  डिपाजिट करवाना हो या नया खाता खोलना हो बुधवार एवं वीरवार का दिन चुनें ऋण  लौटाने के लिए बुधवार शुभ दिन है।

कौन कर्जे से बचें ?

कौन कर्जा न उठाए?
जिनकी कुंडली में 6ठे भाव का स्वामी लग्न में विराजमान हो या किसी शुभ स्थान पर बैठा हो, उसका  कर्जा बढ़ता जाता है। एक ऋण चुकाने के लिए, दूसरा लेना पड़ता है। व्यक्ति सारी उम्र कर्जे के बोझ तले दबा रहता है। दादा लेता है पोता ही चुकाता है। कुंडली में शनि या राहू  की स्थिति अच्छी न हो तो साढे़साती और राहू की दशा में न लें। और काल सर्पयोग हो तो लोन लेने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसे योग ऋण और शत्रु दोनों ही बढ़ा देते हैं। यदि जन्मपत्री में गुरु लग्न, सप्तम या दशम भाव में हो तो किसी को उधार नहीं देना चाहिए। पैसा लौटता नहीं उल्टा लेने वाला दुश्मन बन जाता है।  पैसा भी गया दोस्त भी। उधार प्रेम की कैंची बन जाती है।

ऋण मुक्ति कैसे हो ?
यहां हम कुछ अनुभव व उपाय दे रहे हैं जिनके प्रयोग से लाभ मिलने की संभावना रहती है।
– तेते पांव पसारिये जेती लंबी सौर अर्थात अपनी औकात के हिसाब से ही ऋण लें। जिस  उदद्ेश्य से कर्जा ले रहे हैं, उसी पर उसका उपयोग करें। खेती के नाम पर लोन लेकर बच्चों को मंहगी कारें या ऐश का सामान न खरीदने दें । या मस्ती करने विदेश की सैरें न  करवाएं या करें। ऐसे कार्योंं के लिए बैंकों के पास विभिन्न योजनाएं है। लोन लेने के बाद उसे किश्तों या एकमुश्त लौटाने की योजना पहले बना कर रखें।

ज्योतिषीय उपाय
– श्री कनकधारा स्तोत्र, ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र, ऋणणमोचक मंगल स्तोत्र,श्री सूक्त पाठ, गजेन्द्र मोक्ष, कुबेर मंत्र का पाठ करें।
– शिवलिंग पर महीने के एक मंगलवार एक मुटठ्ी लाल मसर की दाल चढ़ाएं ओैर ऋण मुक्ति की प्रार्थना करें।
– बुधवार को गाय को हरी घास खिलाएं।
– पीपल पर जल चढ़ाएं , गीली मिटट्ी का तिलक करें।
-पश्चिम मुख बैठ के, लाल आसन पर पीले वस्त्र पहन के 3 काली हकीक माला करें। मंत्रः ओम् भं भैरवाय नमः !!
– – दस कौड़ियां अपने खजाने में रखें।
– नवरात्रि पर 21 हकीक पत्थर अभिमंत्रित करवा के जमीन में गाडं़े।
– नवरात्रि पर 27 हकीक पत्थर अपने मंदिर में स्थापित करें.
-मंदिर में सफेद कपड़े पर 5 खिले गुलाब एक एक करके रखें,गायत्री मंत्र पढ़े और फिर प्रवाहित कर दें -7 वीरवार करें
-शुक्रवार को भूखे को खाना दें इतवार को गाय को गुड़।
-जलकुंभी वीरवार की प्रातः तोड़ के पीले कपड़े में बांध के दूकान में ईशान कोण में लटकाएं।
-आटे की 108 गोलियां 108 दिन काली मछलियों को दें।
-ज्येष्ठा नक्षत्र में जामुन के पेड़ की जड़ घर मंे रखें।
-पूर्णिमा पर खीर कुत्ते को दें।
-जूते उत्तर पूर्वी कोण पर उतारना बंद करें।
-सोम या शनिवार, गेहूं  में 11 पत्ते तुलसी$चना$केसर डाल के पिसवाएं, इसकी पहली रोटी किसी भूखे को दें।
-घर के उत्तर -पश्चिम कोण में मिट्टी के बर्तन में चांदी व सोने का एक एक सिक्का पांच मेवे, गेहूं, चावल से भरके रखें।
– पैसे वापस न लौटाने वाले का नाम लेकर खारिश वाले कुत्ते को दूध पिलाएं और दुआ करें कि पैसा न लौटाने वाले का यही हाल हो जाए।
-शनिवार को अपना पहना नया काला जूता या नई काली चप्पल गरीब को दें।
– सावन में वर्षा में, किसी पतनाले से बहते जल में नहाएं और कुछ जल बोतल में भर के रख लें।
-शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार शिवलिंग पर लाल मसर चढ़ाएं । ओम ऋण मुक्तेश्वर महा-देवाय नमः मंत्र पढें। इसे 8 मंगलवार दोहराएं।
-मुख्य द्वार पर रोज रौली के उपर दोमुखी दिया जलाएं , अगले दिन प्रवाहित करें
– आटे में गुड़ मिला के गोलियां बनाएं; 108 दिन लगातार तारों की छांव में मछलियों को दें
– सपने में लाटरी का जो नंबर दिखे उसे ले लें।
-शमशान के हैंडपंप का जल 7 शनिवार पीपल पर चढ़ाएं।
– दीवाली होली पर, 5 गोमती चक्र अभिमंत्रित करवा के लाल वस्त्र में बांध के शुक्रवार दोपहर चौखट पर बांध दें।

आप पंचांग का अध्ययन करने का प्रयास करें या किसी सुयोग्य ज्योतिषी से पूछें। थोड़े से अभ्यास तथा कुछ शिक्षा से आप पंचांग देखना सीख जाएंगे। उपरोक्त सूत्रों को अपनाएं और ज्योतिष का लाभ उठाएं।

Leave a Reply