करोना महामारी बचाव के लिए सरकार द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों की करें पालना: कानूनी जागरूकता शिविर

पंचकूला: डी एल एस ए पंचकुला द्वारा सेक्टर 17 के गवर्नमेंट हाई स्कूल पंचकुला में कोविड 19 के चलते लीगल ऐड कैंप का आयोजन किया गया । वेबीनार का मुख्य विषय छात्रों को कोविड-19 की जानकारी देना एवं उनमें सतर्कता बनाए रखने का एक प्रयास रहा। डी एल एस ए के पैनल एडवोकेट जी. पी भनोट ने माननीय सी. जी. ऍम एवम डी एल एस ए की सचिव संप्रीत कौर पंचकुला के आदेशानुसार स्कूल के बच्चों को कोविड 19 के बारे डिटेल से बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है। कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है, लेकिन कोरोना का संक्रमण दुनियाभर में तेजी से फ़ैल रहा है।कोरोना वायरस क्या है इस बारे में बताया कि कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है। इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। 

कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तीव्र गति से नहीं फ़ैल रहा है जितना दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है। कोविड 19 नाम का यह वायरस अब तक 70 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके।क्या हैं इस बीमारी के लक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि कोरोना वायरस में पहले बुख़ार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ़्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इन लक्षणों का हमेशा मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है। कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। बुजुर्ग या जिन लोगों को पहले से अस्थमा, मधुमेह या हार्ट की बीमारी है उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है। ज़ुकाम और फ्लू में के वायरसों में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं।कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाए तब क्या किया जा सकता है इस बारे बताया कि इस समय कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं। जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आप दूसरों से अलग रहें।

इससे बचाव के उपाय के बारे में बताया कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक हाथों को साबुन से धोना चाहिए। अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढंककर रखें। जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों, उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें। जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।मास्क कौन और कैसे पहनें। अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क की जरूरत नहीं है।

अगर आप किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना होगा।

जिन लोगों को बुखार, कफ या सांस में तकलीफ की शिकायत है, उन्हें मास्क पहनना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

मास्क पहनने का तरीका बारे डिटेल से बताया कि मास्क पर सामने से हाथ नहीं लगाना चाहिए।अगर हाथ लग जाए तो तुरंत हाथ धोना चाहिए।

मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि आपकी नाक, मुंह और दाढ़ी का हिस्सा उससे ढंका रहे। मास्क उतारते वक्त भी मास्क की लास्टिक या फीता पकड़कर निकालना चाहिए, मास्क नहीं छूना चाहिए। हर रोज मास्क बदल दिया जाना चाहिए। कोरोना का ख़तरा कैसा करें इसके उपाय बताया कि कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। अपने हाथ अच्छी तरह धोएं। खांसते या छींकते वक़्त अपना मुंह ढंक लें। हाथ साफ़ नहीं हो तो आंखों, नाक और मुंह को छूने बचें।

कोरोना का संक्रमण फैलने से कैसे रोक सकते हैं इस बारे में बताया कि

सार्वजनिक वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें।

घर में मेहमान न बुलाएं।

घर का सामान किसी और से मंगाएं।

ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं। अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं, तो ज़्यादा सतर्कता बरतें। अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें। 14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके। अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है और घर पर रहें। इस मौके पर कॉलेज के टीचर्स, बच्चों ने कानून के द्वारा मिलने वाली मुफ़्त सहायता की सराहना की जो भारतीय सविंधान की से सम्भव हो पाया । इस दौरान लगभग 160 विद्यार्थियों ने कानूनी जागरूकता शिविर में भाग लिया और स्कूल की प्रिंसिपल व टीचर्स ने DLSA व G.P Bhanot जी का धन्यवाद किया की एसी समस्या में भी बच्चों के लिए वेबीनार का इंतजाम किया