कोरोना वायरस से डरने की नहीं  बचाव की आवश्यकता -एक भारत श्रेष्ठ भारत पर चित्र प्रदर्शनी

 

हरिपुर (बरोटीवाला) जिला सोलन 15 मार्च 2020: कोरोना वायरस का भय  फैलाने की आवश्यकता नहीं  बल्कि  जरूरत है कि इस  से बचाव के  उपाय अपनाए जाएं।  यह बात आज सोलन जिले के हरिपुर गांव में आयोजित कोरोना वायरस से संबंधित एक विशेष  जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के  रीजनल आउटरीच ब्यूरो, चंडीगढ़ की सहायक निदेशक सुश्री सपना ने कही। उन्होंने कि कोरोना वायरस (COVID-19) एक संक्रामक रोग है, जो एक नए तरह का वायरस है जिसे पहले कभी इंसानों में नहीं पाया गया। खांसी, बुखार इस रोग के लक्षण हैं। इस वायरस से सुरक्षित रहने के लिए खुले में सीखते हंसते समय मुंह ढकें, हाथों को बार-बार धोएं और छूने से बचें। संक्रमण के लक्षण दिखने पर व्यक्ति को अपने स्थानीय स्वास्थ्य सेवा अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क करना चाहिए।  भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीनस्थ रीजनल आउटरीच ब्यूरो चंडीगढ़ द्वारा देश की सांस्कृतिक विविधता तथा भारत की एकजुटता को दर्शाने के उद्देश्य से एक चित्र प्रदर्शनी तथा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हरिपुर में आयोजित किया गया। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर , कला पर्यटन , रहन-सहन ,खान-पान आदि के आदान प्रदान को उजागर किया गया है । जिसमें तेलंगाना आंध्र प्रदेश केरल, दादरा नगर हवेली की संस्कृति के बारे में चित्र प्रदर्शित किए गए हैं ।

भारत सरकार द्वारा हरियाणा एवं तेलंगाना, पंजाब तथा आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा केरल और चंडीगढ़ व दादरा और नगर हवेली को आपस में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए जोड़ा गया है । एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत चंडीगढ़ रीजन के अंतर्गत इन्हीं चार राज्यों के बारे में अवगत किया गया है  ।इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कोरोना वायरस  पर एक प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया तथा विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। लोगों को करोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए  प्रचार सामग्री  तथा हाथ धोने का  साबुन भी बांटा गया । इस अवसर पर रीजनल आउटरीच ब्यूरो के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया गया । इस अवसर पर लोगों  पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए पौधे भी बांटे गए। संवैधानिक कर्तव्य तथा अधिकारों के बारे में एक शपथ भी दिलाई गई।