खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां लगाकर स्वरोजगार के लिये मांगे आवेदन: उपायुक्त

 

पंचकूला, 6 जुलाई: आज प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना को लेकर लघु सचिवालय के सभागार में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में छोटे उद्योग धंधों को विकसित करने व जिला के लोगों व किसानों में जागरूकता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने एमएसएमई के अधिकारियों को इस योजना के बारे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी देकर इस योजना से जोड़नें के भी निर्देश दिये।

उपायुक्त ने बताया कि केंद्र व हरियाणा सरकार द्वारा एमएसएमई विभाग के माध्यम से छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये व कोरोना काल में जिन लोगों की नौकरियां व काम बंद हो गये है, उनको बढ़ावा देने के लिये अनेक योजनायें चलाई जा रही है। कें्रद सरकार का उद्देश्य किसानों को खेतों के साथ साथ छोटे उद्योगों से जोड़कर उनकी आमदनी बढाना है।

एमएसएमई के उपनिदेशक रितुल सिंगला ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग जिनकी लागत एक करोड़ रुपये तक हो पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना के तहत आवदेन कर सकता है। इसमें उद्योग की लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सबसीडी का भी प्रावधान है। पंचकूला जिला में हमारा विभाग इस योजना के तहत अदरक  की खेती को प्रोत्साहित करने हेतू किसानों को लोन और सबसीडी की सुविधा देने में सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि अदरक की खेती करने वाले किसान घर बैठे आॅन लाईन  mofpi.nic.in      पर आवेदन कर सकते है । इसके अलावा एमएसएमई कार्यालय के फोन नंबर 0172-257422 या 8813909515  पर संपर्क कर या एमएसएमई कार्यालय सेक्टर-2 बेज नंबर 63-66 आकर संपर्क कर जानकारी ले सकते है।

जिला पंचकूला में अब तक 11 किसानों ने आवेदन किया हैं।

बैठक में नाबार्ड के एजीएम दीपक, लीड बैंक के एलडीएम ब्रिजेश सिंह, कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुरेंद्र यादव, पशु पालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अनिल भनवाला, एचएसआरएलएम के अधिकारी राजेंद्र मलहोत्रा, बागवानी, बीडीपीओ रायपुररानी और पिंजौर ने भाग लिया।