चंडीगढ़ स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट के खिलाफ एकजुट हुए वेंडर्स

चंडीगढ़: चंडीगढ़ के विभिन्न सेक्टर्स की मार्किट में बैठें वेंडर्स नगर निगम के स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के खिलाफ लामबंद होगए हैI वेंडर्स ने चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और अपना रोष जताते हुए सेक्टर 15,17,19, औऱ सेक्टर 22 के स्ट्रीट वेंडर्स ने सेक्टर 19 के सदर बाजार की पार्किंग में आज चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के  खिलाफ मुंह पर काला कपड़ा बांध शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट किया।

नगर निगम के खिलाफ मुंह पर काला कपड़ा बांध किया साइलेंट प्रोटेस्ट

सभी मार्किट के स्ट्रीट वैंडर्स ने एकजुट होकर एक संयुक्त एक्शन एसोसिएशन भी तैयार की है। प्रोटेस्ट को कमेटी में शामिल सुनील पूरी, नीरज, प्रतिमा, नसरीन, ओमंग पूरी, दीपक कुमार, शंटी, टिम्मा, पूनम शर्मा और लाल चंद ने सम्बोधित किया।रोष प्रदर्शन के दौरान सदस्यो ने बताया कि नगर निगम द्वारा टाउन वेंडिंग कमेटी में कई सारी अनियमितायें बरती गई है। कमेटी को वेंडर्स ने असंवैधानिक और अयोग्य करार दिया है। इस कमेटी में नगर निगम के कमिश्नर चैयरपर्सन होते है।

टाउन वेंडिंग कमेटी में चुने गए वेंडर्स मेंबर्स के चयन पर जताया ऐतराज़

इनके अलावा कमेटी में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- ट्रैफिक, मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ, चीफ आर्किटेक्ट, सुपरिटेंडेंट ऑफपुलिस के साथ साथ शहर से स्ट्रीट वेंडर्स के चुने हुए 40 फीसदी नुमाइंदे होते है। उन्होंने बताया कि उन्हें पता चला  कि नगर  निगम ने इस कमेटी में वेंडर्स में कुछ सदस्य चुने है, जिनके बारे में उन्हें पता ही नहीं चल पाया कि ये सब कब चुने गए। इसके लिए उन्होंने नगर निगम से कागज़ात हासिल किये तो नगर निगम से प्राप्त उन डॉक्यूमेंट के अनुसार टाउन वेंडिंग कमेटी में  श्रीमती कमलेश, राम पाल, श्रीमती गीता और सीता राम चुने हुए नुमाइन्दे बताए गए है। उन्होंने बताया कि वो सब ये नही  जानते कि इन चार नुमाइंदों का चयन कब हुआ। असूलन इनका चयन पूरी चुनाव प्रक्रिया के अंतर्गत होता है। इसके लिए  बाकायदा एक चुनाव अधिकारी का चयन होता है जो कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया कि घोषणा करते है कि चुनाव के नामांकन  दाखिल करने, नाम वापिस लेने, चुनाव तिथि और पोलिंग स्टेशन और वोट समय क्या क्या है । लेकिन ये सब कब हुआ, कब  ये प्रक्रिया अपनाई गयी, कब इलेक्शन हुए और कब ये सब सदस्य चुने गए। ये स्ट्रीट वेंडर्स को पता ही नही। इस बारे में नगर  निगम से रिकॉर्ड मांग गया है। लेकिन चुनाव हुए हों तो ही रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।

उन्होंने बताया कि नगर निगम और प्रशासन की इस धांधली के खिलाफ स्ट्रीट वेंडर्स ने चंडीगढ़ के प्रशासक माननीय वी पी सिंह बदनौर, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा, गृह सचिव, नगर सांसद किरण खेर , एस एस पी चंडीगढ़ नीलाम्बरी जगदाले को लिखित शिकायत सौंप मामले की गंभीरता से जांच करने की अपील की हैI उनके अनुसार अगर उनकी  शिकायत पर जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नही होती तो वो अपना प्रोटेस्ट तेज करेंगे और नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में इस वक़्त 6000 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स हैंI जोकि शहर कि विभिन्न मार्किट में फड़ी लगा कर  अपना व् अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे है। ज्यादातर वेंडर्स का ये धंधा पीढ़ियों से चला आ रहा है। चंडीगढ़ में रहन  सहन महंगा होने कि वजह से ज्यादातर ने अपने रहने का ठिकाना चंडीगढ़ के नजदीक लगते क्षेत्र में शिफ्ट कर लिया है। उन्होंने बताया कि वो लेकिन रोजी रोटी के लिए उन्हें आना चंडीगढ़ ही पड़ता है। उन्होंने बताया कि अगर  तनाव की इस  स्थिति में वेंडर्स को कुछ हो जाता है तो इसके जिम्मेवार सिर्फ और केवल सिर्फ प्रशासन और नगर निगम ही होंगे

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