जिला उपायुक्तों के माध्यम से हरियाणा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यापाररिक समस्याऐं सरकार के समक्ष रखी गई: अग्रवाल वैश्य समाज

पिहोवा, 10 अगस्त: अग्रवाल वैश्य समाज द्वारा व्यापारियों विशेषकर छोटे एवं मध्यम दुकानदार, व्यापारियों तथा उद्यमियों की समस्याओं को ऊजागर कर सरकार के सामने लाने के लिए व्यापारियों द्वारा प्रदेशभर में जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसी कड़ी में आज व्यापारी नेता विकास गर्ग के संयोजन में बोलो व्यापारी कार्यक्रम के तहत कुरूक्षेत्र में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर व्यापाररिक समस्याऐं सरकार के समक्ष रखी गई और प्रदेश सरकार से उनके निदान की मांग की गई। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश महामंत्री राजेश सिंगला, युवा प्रधान अमन सिंगला व सुधीर कंसल भी उपस्थित रहे। इस मौके पर विकास गर्ग ने कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेशाध्यक्ष अशोक बुवानीवाला के मार्गदर्शन में व्यापारियों की आवाज उठाने के लिए चलाई गई ये मुहिम मुख्य रूप से लॉकडाउन अवधी में पुर्ण रूप बंद रहे व्यावसायों एवं उद्योगधंधों के बिजली बिल मॉफी, बिजली बिलों से फिक्स चार्ज समाप्त किए जाने तथा इसी प्रकार पानी के बिलों में राहत प्रदान करने, ई-व्यापार पर 16 फीसदी अतिरिक्त कर लगाकर खुदरा व्यापारियों को बचाने, व्यापारी वर्ग को विशेष दर्जें में रखकर बिना ब्याज कर्ज के साथ वित्तिय मदद, लॉकडाउन अवधि के जीएसटी एवं अन्य करों की माफी, खुदरा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रख संरक्षण प्रदान करने व बाहरी ई-कॉमर्श कम्पनियों को रोकने, महामारी की अवधी में किराया (दुकान व मकान) न लिया जाए। सामान्य स्थिती आने तक मासिक किराये के साथ उस अवधि के किराये का 20 प्रतिशत जोड़ कर लिया जाए जैसी अनेक मांगों पर केन्द्रीत रही। विकास गर्ग ने बताया कि कहा कि कोरोना महामारी ने व्यापारियों के सामने एक बड़ा आर्थिक संकट पैदा कर दिया है। कोरोना कॉल में जहां लोगों की खुद की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है कि वहीं व्यापारी वर्ग खुद की परवाह किए बिना सरकारी खजाने को भरने, अपने कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ भंडारों एवं दान-दक्षिणा के द्वारा आमजनों की जरूरतें पूरी करने के अपने सामाजिक दायित्वों को भी जिम्मेदारी के साथ पूरी कर रहे हैं। ऐसी स्थिती में व्यापारी वर्ग चाहता है कि सरकार की ओर से उन्हें सहूलियत मिले और किराया, बिजली-पानी के बिलों में मॉफी, जीएसटी एवं अन्य करों में राहत, बिना ब्याज कर के साथ नकद राहत पैकेज जैसी आर्थिक मदद व्यापारियों को दी जाएं। उन्होंने कहा रोजमर्रा खाने-कमाने वाले छोटे एवं मध्यम दुकानदार एवं व्यापारियों को सरकार विशेष वर्ग में शामिल कर पेंशन योजना व उनके खातों से सीधा नकदी पहुंचाने जैसी स्कीम को लागू करें। विकास गर्ग ने बताया कि अग्रवाल वैश्य समाज सदैव व्यापारी हितों के लिए आवाज उठाता रहा है और समय-समय पर व्यापारियों के हक के लिए उनके साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज ने निर्णय लिया था कि उनका संगठन व्यापारियों की आवाज बनेगा और सरकार तक उनकी समस्याओं एवं मांगों को पहुंचाने का काम करेंगा।