जिला स्तरीय तीन दिवसीय गीता जयंती समारोह का समापन

पंचकूला, 8 दिसंबर- जिला स्तरीय तीन दिवसीय गीता जयंती समारोह का समापन इंद्रधनुष आॅडिटोरियम सेक्टर-5 में विधिवत रूप से किया गया। समापन समारोह पर मुख्यतिथि हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता रहे। उन्होंने नारियल फोड़कर इंद्रधनुष आॅडिटोरियम सेक्टर-5 में शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा सेक्टर-4, 8, 9, 10 व 11 होती हुई वापिस इंद्रधनुष आॅडिटोरियम में खत्म हुई। शोभायात्रा में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की झाकियां भी निकाली गई।
श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में गीता जयन्ती महोत्सव की महता एवं गीता सार के बारे में उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से गीता जयंती समारोह हरियाणा में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। भगवत गीता की शिक्षाएं न केवल आज प्रासंगिक हैं अपितु आने वाले लाखों सालों तक इसकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता यथावत बनी रहेगी। मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल ने भगवतगीता के उत्सव को पूरे विश्व में प्रसिद्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से पंचकूला जिला समेत हरियाणा के लोगों को आर्थिक, सामाजिक व धार्मिक  लाभ भी होगा। उन्होंने कहा कि गीता सब धर्मो का सार है। गीता उपदेश ही नहीं उपचार भी है। इसके 18 अध्यायों में कर्म योग, ज्ञान योग और भक्ति योग का उल्लेख किया गया है। आत्मा परमात्मा के रहस्य को सुस्पष्ट किया गया है। मानव जीवन को मानवीय कल्याण का आधार बताया  गया है। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि गीता की उत्पति हमारे राज्य हरियाणा कुरूक्षेत्र से हुई आज हमने गीता जयन्ती के पांच हजार एक सौ पचपन वंा जन्म दिन मनाया। उन्होंने कहा कि जीवन व जगत में ऐसी कोई समस्या नहीं जिसका समाधान गीता में नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण कहते है कि कर्तव्य पथ पर बढ़ते हए एक अच्छा आदर्श बने। लोग संग्रह के भाव से कर्म करे, न कि अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए परहित, जनहित और लोकहित के लिए अपनी सोच को व्यापाक रखे। ऊंच नीच की दूरियां मिटाने, सामाजिक भाईचारें की भावना लाने और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने के लिए लोक संग्रह शब्द का प्रयोग किया गया है। इसलिए गीता को अपने जीवन में अपनाये और इसका अध्ययन करें।
  जिला स्तरीय गीता जयन्ती महोत्स्व के समापन अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के छात्र, छात्राओं एवं हरियाणा के लोक कलाकारों की अगुवाई में अपनी कला व संस्कृति की अमिट छाप छोड़ी और सारा माहौल आनंदमयी व गीतामयी हो गया। उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से गीता के कर्म सिद्धान्त को अपनाने का जनसंदेश दिया और लोगों में गीता के प्रति चेतना पैदा की।
 कार्यक्रम में तहसीलदार पंचकूला वीरेंद्र गिल, डिप्टी डीओ इंदु दहिया, कृष्ण कृपा परिवार के प्रमुख कृष्ण चुघ, संदीप चुघ, भजपा नेता शाम लाल बंसल के अलावा राकेश गुप्ता, बृज लाल, पर्मिन्द्र ढींगरा, माता मनसा देवी के सीईओ एमएस यादव ने शिरकत की। गीता जयंती महोत्सव में भाग ले रहे स्कूली बच्चों में संस्कृति माॅडल स्कूल ने प्रथम पुरस्कार, राजकीय विद्यालय सकेतड़ी ने द्वितीय व जैनेंद्र गुरूकुल स्कूल व सार्थक माॅडल स्कूल को तृतीय पुरस्कार की ट्रोफी से सम्मानित किया गया। गीता जयंती के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों को मौमैंटो देकर सम्मानित किया। इस यात्रा में 251 महिलओं क्लश उठाकर सबसे आगे चल रही थी। उनके पीछे लगभग 15 झाँकियाँ के साथ कई स्कूलों की झाँकियाँ भी इस यात्रा की शोभा बढा रही थी ।