दिल्ली-भटिंडा रेलवे ट्रैक को रोकने के लिए किसान ने डाला रेलवे ट्रैक के पास डेरा, किसान अपनी मांगो पर अड़े।

चंडीगढ़ – किसान नेता रमेश दलाल के नेतृत्व में चल रहे हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन में बुधवार सुबह किसान व् पुलिस आमने-सामने आ गए जब किसान बड़ी संख्या में झज्जर ज़िले के आसौदा गाँव से गुज़र रही दिल्ली-भटिंडा रेलवे ट्रैक को ब्लॉक करने के लिए पहुँच गए। गौरतलब है कि 28 जुलाई को जुलाना में हुई हरियाणा स्वाभिमान महापंचायत में सरकार को आंदोलन की मांगे मानने के लिए 13 अगस्त तक का समय दिया था। सरकार द्वारा 13 अगस्त तक मांगे ना माने जाने की स्थिति में 14 अगस्त से रेल रोकने का अल्टीमेटम दिया गया था। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि सरकार द्वारा कोई भी सकारात्मक जवाब ना मिलने के कारण, किसानो को यह कदम उठाना पड़ा।

सुबह 4 बजे से ही बड़ी संख्या में किसान रेलवे ट्रैक के पास जुटने शुरू हो गए थे। सुबह की रोशनी के साथ स्थल पर किसानो की संख्या बढ़ती गई व् दिन निकलने तक बड़ी तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर पहुँच गए थे।  सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुँच गया। ऐसे में किसानो ने रेलवे ट्रैक के पास ही डेरा दाल लिया तथा अपना धरना शुरू कर दिया। आंदोलन के नेता रमेश दलाल ने बताया जब तक प्रशासन व् पुलिस बल मौके पर मौजूद है, किसान रेलवे ट्रैक को नहीं रोकेंगे तथा पुलिस बल के जाते ही किसान रेलवे ट्रैक को रोकने का काम करेंगे। ऐसे में अब किसानों दिन रात वही रुकने का फैसला कर लिया है। दादरी व जुलाना में भी किसान गुप्त जगहों पर रेल रोकने के लिए मोर्चा संभाले हुए है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लगभग 1:30 बजे झज्जर उपायुक्त व् अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा रमेश दलाल के नेतृत्व में किसानो की प्रतिनिधि मंडल से बात की। वार्ता के बाद रमेश दलाल ने बताया कि झज्जर उपायुक्त को स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि आंदोलन की जो मांगे उनके अधिकार क्षेत्र में आती है उसके लिए वह जल्द निर्णय करके बताए तथा बाकी मांगो के लिए मुख्यमंत्री व् उच्च अधिकारियों से 15 अगस्त को ही वार्ता सुनिश्चित करके बताए।  किसानो के प्रतिनिधि मंडल व् मुख्यमंत्री के बीच 15 अगस्त को वार्ता का समय निश्चित करने के लिए उपायुक्त को रात्रि 10:00 बजे तक का समय दिया गया है। अगर रात्रि 10:00 बजे तक उन्हें सरकार या झज्जर उपायुक्त से मुख्यमंत्री व् अन्य उच्च अधिकारियों से 15 अगस्त की वार्ता का ले कर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो किसान 15 अगस्त को तिरंगा हाथ में ले कर रेलवे ट्रैक पर जा कर बैठ जाएंगे। 

साथ ही रमेश दलाल का दावा है कि हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई  है। अगर सरकार ने किसी भी प्रकार से किसानो पर अत्याचार किया तो देश भर में विभिन्न किसान संगठन 62 जगहों पर रेल रोक देंगे जिसके लिए 2 दिन पहले ही हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के वालंटियर्स बताए गए पॉइंट्स पर पहुँच चुके है। साथ ही रमेश दलाल ने बुधवार को ही मुख्यमंत्री को पत्र ईमेल कर टिकरी बॉर्डर से जींद तक रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। रमेश दलाल का कहना है कुछ शरारती तत्व सरकार के इशारे पर शांतिपूर्ण किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ कर सकते है जिससे जान-माल का काफी नुक्सान हो सकता है।  

आंदोलन में कुल 25 मांगे उठाई जा रही है, जिसमे मुख्य रूप से राष्ट्रिय राजमार्गो के निर्माण में हो रहे ज़मीन अधिग्रहण में उचित मुआवज़ा,  बहादुरगढ़ ब्लॉक की आर जोन की घोषणा, एस.वाई.एल नहर का पानी, फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, शहीद किसान धर्मपाल के परिवार को एक करोड़ मुआवज़ा व् सरकारी नौकरी, के.एम.पी. असौदा (झज्जर) से कानौंदा-लडरावण होता हुआ नया रोड दिल्ली में बन रहे बाहरी सुपर रोड से कंझावला में जुड़वाना, जाखौदा गांव की ज़मीन अधिग्रहण के मुआवज़े की रिकवरी वसूली को रुकवाना आदि शामिल है।