देश में घटते लिंगानुपात की समस्या हेतु पीसी और पीएनडीटी एक्ट लागू

पंचकूला 15 जुलाई –             देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में घटते लिंगानुपात की समस्या को गंभीरता से लिया। देश के 100 जिलों, जिनमें 12 जिले हरियाणा के है, जिनमें लिंगानुपात काफी कम था, में सुधार लाने के लिए 22 जनवरी 2015 को पानीपत हरियाणा से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके महापात्रा जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में आंगनवॉड़ी कार्यकर्ता, आशावर्कर, एएनएम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल के नेतृत्व में प्रदेश में विभिन्न विभागों के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया गया। लगभग एक वर्ष के ज्यादा के समयावधि में लोगों में जागरुकता के कारण लिंगानुपात में बहुत सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों ने इस चुनौती भरे कार्य को गंभीरता से लिया और आज प्रदेश का लिंगानुपात में 20 प्रतिशत सुधार हुआ है। पहले लिंगानुपात के मामले में प्रदेश सबसे नीचे था। उन्होंने कहा कि प्रदेश कई क्षेत्रों में बहुत आगे है। लिंगानुपात में असंतुलन एक सामाजिक समस्या थी लेकिन यहां के लोगों ने एक साल में इसमें सुधार लाकर एक मिसाल कायम की है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए पीसी और पीएनडीटी एक्ट लागू किया है। इस एक्ट के तहत कोई भी समस्या तब तक हल नहीं होती जब तक उसमें आमजन का सहयोग न मिले। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करता है लेकिन लोगों के द्वारा दी गई जानकारी से समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें लडक़ा और लडक़ी में भेद भाव की जो सोच हमने पाल रखी है, उसमें सुधार करना अनिवार्य है। लड़कियों को लडक़ों के बराबर सम्मान, समान शिक्षा और सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान करें, तभी हमारा देश व प्रदेश तरक्की के पथ पर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणावासी बहुत जागरुक है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को सफल बनाने में जो कार्य किया है, वे बधाई के पात्र है और उन्हें इस दिशा में ओर कार्य करना होगा ताकि लिंगानुपात में संतुलन लाते हुए 950 का लक्ष्य प्राप्त कर सके। उन्होंने यूरोप का उदहारण देते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में भारी संख्या में लोग मारे गए थे और उस समय महिलाओं ने आगे आकर पुरुषों के समान कार्य किया और देश को उन्नति के शिखर पर ला खड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में जो भी ज्ञान उन्हें मिला है, वे अपने संपर्क में आने वाले अन्य लोगों को भी इस बारे में जागरुक करें।
कार्यशाला के सुबह के सत्र में अंबाला-पंचकूला आयुक्त आरसी मिश्रा ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने खचाखच भरे इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस देश में जहां नारी की पूजा की जाती थी आज उस देश में ऐसे सेमिनार करने की क्यों आवश्यकता पड़ी, यह सोचना का विषय है। उन्होंने कहा कि अतीत में कहा जाता था कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते है। उसी अतीत को दोबारा लाने के लिए हम नारी का सम्मान करें, जो पूर्व में हमसे गलती हुई है, उसको दोबार न दोहराए।
जब कोई समाज अतीत से सीख न लेकर अपना रास्ता भूल जाता है तो वहां ऐसी बुराई उत्पन्न होती है। हमें अतीत से सीख लेकर इस बुराई को खत्म करना है और समाज को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जो लोग भ्रूण जांच करवाते है और करवाने में सहयोग करते है, उन लोगों की सूचना दें। पुलिस विभाग उन पर तुरंत कार्रवाही करने से पीछे नहीं हटेगा और सभी विभागों को अपना पूर्ण सहयोग देंगा। उन्होंने कहा कि जिला में ऐस घृणित कार्य करने वाले तीन लोगों पर रेड की गई है और उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों से आग्रह करते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को जागरुक करें । यदि कोई ऐसा घृणित कार्य करता है तो उसकी सूचना जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। यदि सूचना सच्ची पाई जाती है तो उन्हें सरकार की ओर से एक लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। कार्यशाला को आयुष विभाग के अस्सिटेंड जिला अटोरनी सुरेंद्र हुडा, पीएनडीटी स्टेट कंसलटेंट डा. रेनु मलिक, एसीपी ममता सौदा, सिविल सर्जन बीके बंसल, कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी एसएच सैनी ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। इसके अतिरिक्त आंगनवॉडी कार्यकर्ताओं ने कविता, लघु नाटिका, कट पुतली शो के माध्यम से बेटी बचओ-बेटी पढ़ाओ के बारे मेें अपनी प्रस्तुति दी।