नागरिकता संशोधन कानून के बारे में समझाने घर-घर जाएगी भाजपा

पंचकूला 28 दिसंबर। नागरिकता संशोधन कानून के बारे में लोगों को समझाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए भाजपा घर-घर जाएगी और लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के बारे में बताएगी। इसी सन्दर्भ में आज भारतीय जनता पार्टी जिला पंचकूला के पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा की अध्यक्षता में भाजपा कार्यालय मैं संपन्न हुई। बैठक में मुख्य तौर पर भाजपा जिला प्रभारी डॉ संजय शर्मा तथा उनके साथ विशेष तौर पर केंद्रीय राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया सांसद नायब सिंह सैनी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, ज़िला परिषद चेर्पर्सॉन श्रीमती रितु सिंगल एवं पूर्व जिला अध्यक्ष विशाल सेठ उपस्थित रहे।
जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 जनवरी से 12 जनवरी तक जिला भर में संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस सम्पर्क अभियान कार्यक्रम के लिए आगामी 2 तथा 3 जनवरी को मंडल स्तर पर बैठकें की जाएंगी। इस जनसम्पर्क अभियान में नागरिकता संशोधन कानून के बनने के बाद विपक्ष द्वारा जो देशभर में गलत तथ्य व भ्रम फैलाया जा रहा है।इस कानून के सही तथ्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचा कर विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम को समाप्त कर सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। इस मुहिम के तहत पूरे देश में तीन करोड़ परिवारों से संपर्क की योजना के साथ प्रदेश में 10 लाख परिवारों से संपर्क का लक्ष्य रखा गया है।जिसमें प्रत्येक विधानसभा में कम से कम 11000 परिवारों से संपर्क करना होगा जोकि प्रत्येक बूथ पर कम से कम 50 परिवारों से संपर्क का लक्ष्य पूर्ण करना रहेगा।
इस अभियान में बूथ स्तर तक के सभी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।जिसमें प्रदेश पदाधिकारी 100 घरों में जिला पदाधिकारी 50 वा मंडल पदाधिकारी 25 घरों में व प्रदेश कार्यकारिणी 50, जिला कार्यकारिणी 25, मंडल कार्यकारिणी 25 घरों में जाकर संपर्क करेंगे। इस के साथ ही सांसद प्रत्येक विधानसभा के 5 गांव तथा विधायक 25 गांवों में जाकर कार्यक्रम करेंगे।
संपर्क अभियान में कार्यकर्ता नागरिकता संशोधन कानून का पंपलेट लेकर घर-घर जाएंगे तथा विस्तारपूर्वक उन्हें इस क़ानून की जानकारी देंगे।
         डॉक्टर संजय शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून 2019 ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने वाला तथा पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अफगानिस्तान के पीड़ित अल्पसंख्यकों को बड़ी राहत देने वाला है। यह कानून सिर्फ नागरिकता देने के लिए है ना की किसी की नागरिकता छीनने का। विपक्ष द्वारा एक बहुत बड़ी भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह बिल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है। जबकि इस बिल में भारत मैं रह रहे नागरिक को किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी,जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। वह सभी शरणार्थी जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 तक भारत में प्रवेश कर लिया है वह भारतीय नागरिकता के लिए भारत सरकार के पास आवेदन कर सकेंगे।
    इस के साथ ही जानकारी देते हुए डॉक्टर संजय शर्मा ने कहा कि 26 सितंबर 1947 को महात्मा गांधी ने भी खुले तौर पर प्रार्थना सभा में घोषणा की थी। पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक अगर वहां नहीं रहना चाहते तो वह भारत आ सकते हैं। उनके जीवन को सामान्य बनाना भारत सरकार का पहला कर्तव्य रहेगा। 2003 में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने भी पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों पर हो रहे उत्पीड़न का मुद्दा सदन में उठाया था। सन 2004 से लेकर 2014 तक यूपीए सरकार अधिकारिक तौर पर मानती थी कि पाकिस्तान बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं मगर कभी भी उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जब 2014 के बाद एनडीए सरकार में भी ऐसे मामले सामने आने लगे तो सरकार ने इन विस्थापितों की सुरक्षा के लिए एक स्थाई निर्णय लेने का यह फैसला लिया है।