नायक की तरह दुष्यंत का हुआ चौटाला गांव में स्वागत।

चौटाला/सिरसा 8 दिसंबर – आज पंजाब एवं राजस्थान की सीमा से सटा हरियाणा का गांव चौटाला। रविवार को इस गांव ने एक और इतिहास लिख दिया। गांव का छोरा एवं प्रदेश का डिप्टी सीएम दुष्यंत का जो स्वागत गांव में किया गया, अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ था। गांव की हर-गली एवं चौक पर सिर्फ दुष्यंत के ही चर्चे थे। ग्रामीणों ने अपने लाडले दुष्यंत के स्वागत में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। गांव के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर दुष्यंत पर फूल बरसाए गए। दुष्यंत को ऊंट पर बैठाया और समस्त ग्राम वासी नाचते-गाते हुए दुष्यंत को सभा स्थल तक लेकर गए। ठेठ ग्रामीण गाजे-बाजे के साथ दुष्यंत का स्वागत ऐसे किया जा रहा था कि मानो कोई नायक आया हो। गांव के मुख्य द्वार से सभा तक पहुंचने में दुष्यंत को करीब 85 मिनट लगे। महिलाओं ने जहां मंगलगीत गा कर अपने लाडले के माथे को चूम कर आशीर्वाद दिया, वहीं दूध पिला कर आगे बढऩे का हौसला दिया। एक अनुमान के अनुसार दुष्यंत को करीब 107 जगह पर रोकर दूध का गिलास पीने के लिए दिए गए।
…दुष्यंत के आगमन पर घर-घर जलाए घी के दीये
प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनने के बाद दुष्यंत के आगमन पर रविवार को गांव चौटाला गांव का पूरा नजारा ही बदला-बदला था। गांव में दीपवाली के उत्सव जैसा माहौल था। उत्सव जैसा माहौल हो भी क्यों न जब पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. चौ देवीलाल का पड़पौता हरियाणा का उपमुख्यमंत्री बन कर गांव जो पहुंचा था। गांव वासियों ने खुशी में घर-घर घी के दीये जलाए। टिमटिमाते छोटे बल्ब की लडिय़ों की रोशनी में गांव जगमग हो रहा था। गांव के मुख्य द्वार से लेकर अभिनंदन समारोह स्थल तक हरी-पीली लडिय़ों और दुष्यंत के स्वागत के होर्डिंग से गलियां अटी हुई थी। दुष्यंत चौटाला के आगमन को लेकर गांव वासियों के जोश का आलम यह था कि गांव वासी गांव के मध्यान्तर बनाए गए सभा स्थल पर दो बजे ही पहुंचना शुरू हो गए थे और वे उनके आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही दुष्यंत के गांव में पहुंचने की खबर मिली गांववासियों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने जिंदाबाद के नारे लगा कर आसमान गूंजायमान कर दिया।
.…धरा को चूम, परदादा को नमन कर दुष्यंत ने गांव में रखे कदम।
डिप्टी सीएम बनने के बाद पहली बार गांव में पहुंचे दुष्यंत ने अपने पैतृक गांव चौटाला की धरा को चूमा और फिर आसमान की तरफ देख भगवान कर शुक्रिया अदा किया। इसके बाद वे गांव में बनी पूर्व उपप्रधानमंंत्री स्व. चौ. देवीलाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तो बरबस ही उनकी आंखे नम हो गई। दुष्यंत ने कुछ पल चौ. देवीलाल की प्रतिमा को निहारा और फिर नमन कर आगे बढ़ गए। इस दौरान वहां उपस्थित ग्रामीणों ने चौ. देवीलाल अमर रहे के नारे लगाए।