पैसेंजर के छींकने से विमान के कॉकपिट से कूदा पायलट

 

नई दिल्ली – कोरोना वायरस (CoronaVirus) का प्रभाव और खौफ दुनियभर के लोगों में बढ़ता जा रहा है। भारत में भी लोग कोरोना वायरस से बेहद खौफजदा हैं। कोरोना वायरस के डरे पुणे एयरपोर्ट से एयर एशिया की फ्लाइट I5-732 कॉकपिट में बैठे पायलट को भी इतनी घबराहट हुई कि उसने इमरजेंसी एक्जिट से ही छलांग लगा दी। ये वाक्‍या 20 मार्च शुक्रवार का है। ऐसा आमतौर पर किसी मुश्किल घड़ी में पायलट और अन्‍य लोग करते हैं। आमतौर पर पायलट विमान के सामने वाले गेट का ही इस्‍तेमाल करते हैं, लेकिन पहली पंक्ति में बैठे यात्री के छींकते ही पायलट बेहद घबरा गए।

विमान पुणे से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था

पुणे एयरपोर्ट से एयर एशिया का विमान दिल्ली के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। सारे पैसेंजर अपनी सीटों पर बैठ चुके थे। तभी सबसे अगली पंक्ति के एक यात्री ने छींकना शुरू किया। बताया जा रहा है कि यात्री को जुकाम था। ऐसे में समझदारी से काम लेने की बजाए चालक दल के सदस्य घबरा गए। जैसे ही कॉकपिट में बैठे पायलट को इस यात्री के बारे में पता चला, वो इमरजेंसी एक्जिट से कूद गया। कुछ यात्री पायलट की ये हरकत देखकर हैरान थे, तो कुछ बेहद घबरा भी गए। इसके बाद विमान के बाकी क्रू मेंबर्स ने प्लेन का पिछला दरवाजा खोल दिया। जल्‍दी-जल्‍द सारे यात्रियों को पिछले दरवाजे से बाहर निकाला गया। सिर्फ संदिग्ध यात्री के लिए अगला दरवाजा खोला गया। सारे यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई।

जब एयर एशिया के प्रवक्ता से इस बारे में पूछा गया, तो उन्‍होंने कहा, ‘देखिए पहली पंक्ति के बैठे यात्री के कारण 20 मार्च को पुणे-दिल्ली की फ्लाइट में ऐसा मामला सामने आया है। कोरोना वायरस को लेकर हर कोई सतर्क है। इसलिए सभी यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। मामले की गंभीरता को देखते विमान को रिमोट-बे में खड़ा किया गया। संदिग्ध यात्री को सामने के गेट से और बाकी यात्रियों के पिछले गेट से निकाला गया।’

प्रवक्‍ता ने बताया कि अगले गेट को सुरक्षित घोषित किए जाने तक क्रू मेंबर्स ने अपने आप को क्वारंटीन कर लिया। फ्लाइट के कैप्टन ने कॉकपिट से लगे इमरजेंसी एक्जिट से बाहर निकलना उचित समझा। इसके बाद पूरे प्लेन में एंटी इन्फेक्शन छिड़काव किया गया। हमारा चालक दल ऐसी मुश्किल परिस्थिति में काम करने के लिए दक्ष है। हमें गर्व है कि उन्होंने इस विषम परिस्थिति में भी धैर्य से काम लिया।

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