“मुझे बचाओ, में मर रहा हूं” यू टी सचिवालय के बाहर कंक्रीट से जड़ ढके पेड़ो पर लगाए पोस्टर।

 
चंडीगढ़: पर्यावरण को बचाने और उसको स्वच्छ बनाने में पेड़ पौधों का विशेष योगदान है इसलिए पर्यावरण दिवस पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाने की अपील की गई। इस मौके पर समस्या समाधान टीम के सदस्यों ने यू टी प्रशासन से मौजूदा पेड़ों को बचाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा और पेड़ो कि बत्तर हालात और रख रखाव की तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए यू टी सेक्रेट्रिएट के सामने लगे पेड़ो पर “में मर रहा हूं, मुझे बचाओ”, “किरपा हमें बचाओ” जैसे पोस्टर पेड़ो पर चिपकाए।
सांसे  हो रही है कम, आओ पेड़ लगाए और बचाऐ हम – समस्या समाधान टीम 
इस मौके पर समस्या समाधान टीम के ओंकार सैनी का कहना है कि यू. टी. सचिवालय, जहां से पूरे चंडीगढ़ के लिए कानूनी हुक्म जारी होते है, ठीक उसके सामने पेड़ो कि जड़ों को कंक्रीट से दबा कर नियमों कि धज्जियां उड़ाई जा रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की पूरे चंडीगढ़ में पेड़ों के रख रखाव की क्या स्थिति होगी। मालविंदर पाल सिंह लाडी और शिशुपाल का कहना है कि माननीय पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट और चंडीगढ़ प्रशासन के हुक्म है कि पेड़ों के चारों तरफ कम से कम एक मीटर कि कच्ची जमीन छोड़नी है ताकि पेड़ो कि जड़ों तक पानी जा सके और वो तिल तिल ना मरे, मगर चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी इस नियम का अभी तक पालन नही करवा पाए जबकि पिछले साल अगस्त तक ये काम पूरा हो जाना चाहिए था।
पर्यावरण दिवस पर मौजूदा पेड़ बचाने के लिए समस्या समाधान टीम ने कि  प्रशासन से अपील।
यू टी सचिवालय, चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर के सामने और पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर, मिनी सेक्रेट्रिएट पंजाब एवं केंद्रीय सदन कि पिछली पार्किंग समेत करीब 3 दर्जन पेड़ ऐसे है जिनकी जड़ों को कंक्रीट से ढक हुआ है। हमारे द्वारा बार बार शिकायत करने पर भी कंक्रीट को नही हटाया जा रहा। चंडीगढ़ प्रशासन के लोग इसको नगर निगम का काम और नगर निगम के कर्मचारी इसको चंडीगढ़ प्रशासन का काम बताते है।
पेड़ – पोधों कि जड़ों को कंक्रीट से ढकने पर, उनको बचाने के लिए पोस्टर लगा कर कि पेड़ बचाने की गुहार।
इस लिए प्रशासन को नींद से जगाने के लिए हमने ये तरीका अपनाया है। मनोज शुक्ला का कहना है कि इसके इलावा हाल ही में सेक्टर 27, 28, 29 और 30 कि तरफ केबल डालते हुए जे सी बी मशीन से खुदाई करवाई थी जिसके कारण बहुत से हरे भरे अर्जुन के पेड़ो कि जड़े टूट गई थी, समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद ठेकेदार ने गड्डे में मिट्टी तो वापिस भरवा दी मगर अभी भी बहुत से पेड़ो कि हालत ऐसी है कि वो हल्के हवा के झोखे से भी टूट सकते है इसलिए हमने प्रशासन से इनकी तरफ ध्यान देते हुए मांग कि है कि पेड़ो को नुकसान पहुंचाने वालों से भारी जुर्माने के साथ सजा का प्रावधान भी रखा जाए ताकि आगे से कोई भी आदमी पेड़ो और पर्यावरण का नुकसान ना करे।