मृतक नीलिमा के परिजनों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठाई मांग

चंडीगढ़: 07 मार्च को आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त करने वाली 35 नीलिमा ठाकुर के परिजनों ने इसके लिए जिम्मेदार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनके परिवार को इंसाफ दिए जाने की मांग की है।
नीलिमा ठाकुर के पति प्रकाश खती और पिता जगतार सिंह ने बताया कि नीलिमा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर 17 स्थित रीजनल ब्रांच में कार्यरत थी। यहाँ पर अपने कार्यकाल के दौरान नीलिमा ने पाया कि लोन डिसब्र्स के दौरान बैंक अधिकारियों द्वारा काफी अनियमिता और गलत तरीके इस्तेमाल किए जा रहे थे। जिसकी जानकारी नीलिमा ने उच्च अधिकारियों को दी। लेकिन दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। नीलिमा द्वारा गलत सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाया जाना अधिकारियों को पसंद नही आया और उन्होंने नीलिमा को बार बार मानसिक तौर पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। जिसका जिक्र नीलिमा ने अपनी रोज की कलमबद्ध डायरी में किया है। डायरी में नीलिमा ने कुछ धोखाधड़ी के मामलों का भी जिक्र किया है। जिसमे उसने बताया कि उसके साथ काम करने वाले रामानंद, नरेश गुप्ता,
ज्योति, सुमन, पंकज, मोनिका, विवेक, अशोक शर्मा, साहिल और रावत के नामों का जिक्र किया गया है,जोकि उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे।
पति प्रकाश ने रोते हुए बताया कि नीलिमा  शैक्षणिक स्तर पर बड़ी ही होनहार थी। उसने बी टेक और एम बी ए की डिग्री हासिल कर रखी थी।
जगतार सिंह ने बताया कि नीलम उनके पास ही रहती थी। जबकि उसके पति प्रकाश खती हैदराबाद में एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। हादसे के वक़्त वो वहीँ थे, जबकि नीलिमा की मम्मी और उनकी पत्नी यू एस ए में उनकी छोटी बेटी के पास गई हुई थी। प्रकाश और नीलिमा के दो बच्चे है। बड़ा 06 साल का लड़का और 01 साल की छोटी बच्ची।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ से नीलिमा परेशान चल रही थी। अधिकारियों द्वारा बार बार प्रताड़ित किये जाने से वो बहुत आहत थी और अंदर ही अंदर अपनी पीड़ा को घुट रही थी। हमने उसे नौकरी से त्यागपत्र भी देने को कह दिया था। वो अभी इस पर विचार कर ही रही थी।
प्रकाश ने बताया कि नीलिमा ने बैंक में हो रही घपलेबाजी और धोखाधड़ी को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री को भी शिकायत देने का फैसला लिया था, जिसके बारे में उसने उनके साथ विचार किया था, लेकिन उन्होंने नीलिमा को मना कर दिया था। इसका जिक्र भी उसने डायरी में किया है।
प्रकाश ने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जिनकी वजह से उनका हंसता खेलता परिवार उजड़ गया।