राजधानी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग ने किया 15 दिवसीय प्रमाणपत्रीयपाठ्यक्रम का आयोजन।

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय सम्बद्ध राजधानी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग और आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति (IQAC) तथा संस्कृत भारती, दिल्ली ने संयुक्त तत्त्वावधान में 15 दिवसीय प्रमाणपत्रीयपाठ्यक्रम का आयोजन किया। यह पाठ्यक्रम दिनाँक 22 जून 2021 से आरम्भ होकर 6 जुलाई, 2021 तक चला। इस पाठ्यक्रम के अन्तर्गत संस्कृत भारती द्वारा दस दिवसीय संस्कृत सम्भाषण वर्ग का सञ्चालन किया गया, जिसमें संस्कृत भारती के प्रशिक्षक श्री ऋषि कुमार तथा श्री दीपक कुमार ने छात्रों को संस्कृत सम्भाषण सिखाया। तत्पश्चात् पञ्च दिवसीय विद्वद्व्याख्यानमाला के अन्तर्गत प्रथम दिवस संस्कृत विभागाध्यक्षा डॉ. सविता निगम ने भारतीय अभिलेखशास्त्र एक परिचय विषय पर अपना व्याख्यान दिया।
व्याख्यानमाला के दूसरे दिन संस्कृत प्राध्यापक डॉ. आशीष कुमार ने संस्कृत में रोज़गार के अवसर छात्रों को बतलाये। डॉ. रवीन्द्र कुमार दास ने व्यक्तित्त्व एवं नैतिकता: भारतीय दार्शनिक परिप्रेक्ष्य विषय पर अपने विचार रखे। डॉ. चित्रा भारद्वाज ने विश्वपटल पर संस्कृत : व्याकरण और साहित्य विषय को छात्रों को समझाया। अन्तिम दिवस श्री सञ्जय दत्त सती ने प्रौद्योगिकी तन्त्र में संस्कृत पत्रकारिता विषय पर अपना व्याख्यान दिया। इस पाठ्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संस्कृत भारती, दिल्ली के प्रान्तगणसदस्य डॉ विजय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को निरन्तर संस्कृत सम्भाषण करने हेतु प्रेरित किया। तथा दसवें दिन संस्कृत भारती, दिल्ली के प्रान्तमन्त्री श्रीमान् देवकी नन्दन ने सभा को सम्बोधित करते हुये विद्यार्थियों को सम्भाषण वर्ग की समाप्ति के अनन्तर भी संस्कृत में ही वार्तालाप करने को प्रोत्साहित किया।
पाठ्यक्रम के समापन सत्र में संस्कृत भारती, दिल्ली के उत्तर क्षेत्र शिक्षण प्रमुख तथा मुख्य अतिथि श्रीमान् कौशल किशोर तिवारी ने संस्कृत भारती और संस्कृत भाषा के महत्त्व को बतलाते हुये विद्यार्थियों को संस्कृत के प्रचार व प्रसार हेतु निरन्तर प्रयासरत रहने हेतु प्रोत्साहित किया। समापन सत्र के दूसरे मुख्य अतिथि प्रो दयाशंकर तिवारी ने कहा कि संस्कृत विभाग और संस्कृत भारती का यह प्रयास सराहनीय है। तथा विद्वद्व्याख्यानमाला के अन्तर्गत आयोजित सभी व्याख्यान समसामयिक और छात्रोपयोगी हैं व विद्यार्थियों को नवीन शोधों की दिशा में प्रेरित करते हैं।
समापन सत्र के अवसर पर कॉलेज प्राचार्य प्रो राजेश गिरि ने संस्कृत भारती संस्था का धन्यवाद करते हुये संस्कृत भारती द्वारा संस्कृत और संस्कृति की रक्षा हेतु किये जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की तथा भविष्य में भी संस्कृत भारती के साथ मिलकर इस प्रकार के संस्कृत सम्भाषण शिविरों के आयोजनों का आह्वाहन किया।इस कार्यक्रम की संयोजिका डॉ सविता निगम  तथा कार्यक्रम सञ्चालन डॉ आशीष कुमार ने किया।