लिंगानुपात में पंचकूला जिला प्रदेशभर में प्रथम स्थान पर- उपायुक्त

पंचकूला, 13 अगस्त- जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सामुहिक प्रयासों से कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये किये गये निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप पंचकूला जिला लिंगानुपात में प्रदेशभर में प्रथम स्थान पर है।  उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि सिविल सर्जन डाॅ योगेश शर्मा और उनकी पूरी टीम ने सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि जिला की इस उपलब्धि के लिये मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डाॅ राकेश गुप्ता ने भी जिला प्रशासन को मुबारकबाद दी है। सिविल सर्जन डाॅ योगेश शर्मा ने बताया कि पंचकूला जिला में वर्ष 2018 में 1000 लड़कियों के पीछे 922 लड़कियों का जन्म हुआ था। इस वर्ष जनवरी से लेकर जून 2019 तक कन्या जन्मदर 978 रही है। उन्होंने कहा कि कन्याभू्रण हत्या रोकने के साथ साथ लोगों को जागरूक भी किया गया है। जागरूकता कार्यक्रम के तहत निजी अस्पतालों की स्त्री रोग विशेषज्ञ और रेडियोलाॅजिस्ट की कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश समन्वयक डाॅ जीएल सिंगल ने पीसी पीएनडीटी एक्ट के बारे में विस्तापूर्वक जानकारी दी। पंचकूला जिला में पीसी पीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी डाॅ प्रविंद्रजीत सिंह ने बताया कि रायपुररानी, हंगोला और नानकपुर क्षेत्रों के कुछ गांवों में जिला के अन्य क्षेत्रों की तुलना में लिंगानुपात कम दर्ज किया गया हैं। इन क्षेत्रों में गैर कानूनी तरीके से एनपीटी किट बेचने जैसे मामलों की सूचना प्राप्त हुई है और स्वास्थ्य विभाग इन गतिविधियों पर निरंतर नजर रख रहा हैं। उन्होनंे कहा कि शीघ्र ही ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर कार्रवाही अमल मे ंलाई जायेगी। विभाग द्वारा जिला के अल्ट्रासांउड केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया जाता है और पीसी पीएनडीटी एक्ट की अवेहलना पाये जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाही भी की जाती है।  उन्होंने कहा कि कन्याभू्रण जांच अथवा कन्या भू्रण हत्या की जानकारी देने वाले व्यक्ति को न केवल प्रोत्साहन राशि दी जाती है बल्कि उसकी पहचान भी पूर्णत गोपनीय रखी जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गैर कानूनी गतिविधियों की जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय पंचकूला में किसी भी समय दी जा सकती है। उन्होंने जिला के निजी अल्ट्रासाउंड संचालकों व अस्पतालों को भी निर्देश दिये कि वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम में सरकार का सहयोग करें और किसी भी तरह के गैर कानूनी अल्ट्रासाउंड व गर्भपात न करें।