लोकतंत्र का चौथा स्तंभ सब्जी बेचने पर हुआ मजबूर

नई दिल्ली/ उत्तर प्रदेश/ लखीमपुर खीरी/ ऐजेंसी न्यूज – आज भारत का चौथा स्तंभ सब्जी बेचने पर मजबूर है बहुत ही चिंता का विषय है और शर्मनाक बात है। जबकि मीडिया अपनी जान जोखिम में डालकर अपने परिवार को रिस्क पर डालकर रात दिन जनता और देश की सेवा में रहते हैं शासन की प्रतीक आवाज में अपनी आवाज मिला कर देश के एक-एक नागरिक तक पहुंचाते हैं और देश के एक-एक नागरिक की बात शासन तक पहुंचाते हैं

जनपद लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्ण नाथ में देश के संविधान का चौथा स्तंभ *लॉकडाउन के चलते सब्जी बेचने पर मजबूर*

उच्च पदों पर बैठे हुए लोग और समाज के आखिरी व्यक्ति इन दोनों के बीच का कम्युनिकेशन बीच का माध्यम मीडिया अपनी रिस्पांसिबिलिटी अपने रिसोर्सेस से पूरा करता है लेकिन उन कुर्सियों पर बैठे हुए लोग मीडिया कर्मियों को नजर अंदाज कर रहे हैं यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है।

शासन को इस प्रकरण को गंभीरता से लेना चाहिए मैं शासन तक अपनी बात पहुंचाना चाहता हूं कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का चौथा स्तंभ शिद्दत की जिंदगी जीने पर मजबूर हो रहा है इस प्रकरण को इस प्रकरण को गंभीरता पूर्वक विचार करने की जरूरत है समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के लोग प्रशासन में उच्च पदों पर बैठे हुए लोग और शासन में देश की जिम्मेदार कुर्सियों पर बैठे लोग पत्रकारों की इस दशा को गहराइयों से समझे !

आप को बताते चले कि सरकार द्वारा जनता को लगातार सहायता धनराशि प्राप्त करायी जा रही है परंतु पत्रकारों को कोई भी सहायता नहीं दी जा रही है जबकि जनता कर्फ्यू लाक डाउन के चलते सभी को सहायता दी जा रही है परंतु पत्रकारों को किसी प्रकार की आर्थिक तंगी के चलते सहयोग नहीं दिया जा रहा है जबकि पत्रकार लगातार जनता कर्फ्यू के समय से सरकार का सहयोग कर रहे हैं।

इस मौके पर आशीष राठौर , आमिर खान सईदी, मनीष शर्मा, फ़राज़ खान , विमलेश चौधरी, संजीव बाजपाई , श्याम यादव , तेजपाल , जितेंद्र कश्यप, राजीव वर्मा , विजेंद्र वर्मा , आशीष मिश्रा, अभिषेक , राजू शर्मा , राज कुमार ,आदि पत्रकार बंधु मौजूद रहे।