लोकसभा चुनाव: सी पी आई ( एम एल) रेडस्टार ने चंडीगढ़ से अपने उमीदवार की घोषणा की

चंडीगढ़ – लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सी पी आई ( एम एल) रेड स्टार ने चंडीगढ़ और पंजाब में चुनाव लड़ने जा रही है।इसके लिए पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों कीघोषणा की पार्टी ने इस मौके अपने घोषणा पत्र को भी रिलीज किया।सी पी आई ( एम एल) रेड स्टार की ओर से चंडीगढ़ के लिए यहाँ कामरेड लश्कर सिंह उमीदवार होंगे, वही पंजाब के जिला संगरूर से कामरेड जीत सिंह का नाम पार्टी उमीदवार के तौरपर अनाउंस किया है।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता केदौरान सी पी आई ( एम एल) रेड स्टार के सचिवकामरेड लश्कर सिंह ने बताया कि उनकी पार्टी कीओर से लोकसभा चुनाव-2019 को देखते हुएचंडीगढ़ सहित पंजाब के संगरूर से चुनाव लड़ने काफैसला किया गया है। इसी के मद्देनजर आज पार्टीके घोषणा पत्र और उम्मीदवारों के नाम की घोषणाकी गई है। चंडीगढ़ से यहाँ कामरेड लश्कर सिंह, तोवहीँ पंजाब के जिला संगरूर से कामरेड जीत सिंहचुनाव लड़ेंगे।

लश्कर सिंह ने बताया कि अगर देश की सता सेभाजपा को परास्त करना है तो निश्चित रूप से जनविकल्प के लिए सभी दलों को एकजुट होना होगा। मोदी और भगवा ताकतों द्वारा चुनावों के ऐन पूर्व चालाकी से आतंकवाद- विरोधी युद्धोन्माद औरपाकिस्तान के प्रति नफरत का माहौल पैदा किया गया है हालांकि बॉर्डर पर तनाव काम हों चूका है, लेकिन कॉरपोरेट मीडिया जगत अब भी युद्धोन्माद को हवा दे रहा है।हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों से पता चलता है कि नव उदारवादी मोदी राज के खिलाफ जन असंतोष बढ़ रहा है।विद्यार्थियों और नौजवानों के आंदोलन, मर्दवादी उत्पीड़न और लैंगिक असमानता के खिलाफ महिलाओं काआक्रोश, पर्यावरण और आवास स्थलों कि रक्षा के लिए संघर्ष इत्यादि धीरे धीरे गति पकड़ रहे है। देश में फ़ैल रही आराजकता के साथ साथ बेरोजगारी और भ्रष्टाचार उनके मुख्य एजेंडों में शामिल है। देश में इस समय मोदी राज नहीं, बल्कि फ़ासीजिम है। आर एसएस की बागडोर में देश की सरकार चल रही है ।आज देश का हर नागरिक जानता है, देश को बीजेपी नहीं आर एस एस ऑपरेट कर रही है। अगर मोदी सरकार कहती है कि जी एस टी और नोट बंदी वाकई में ऐतिहासिक फैसले थे, तो मोदी सरकार क्यों नहीं इन मुद्दों पर वोट मांगती। क्यों वो हिन्दुवादऔर कांग्रेस के 70 साल के शासन को लेकर ही हमेशा भाषण देते रहेंगे और कांग्रेस को कोसते रहेंगे। मोदी और उनके मंत्री अपने भाषणों में हमेशा यही कहते है कि मोदी के राज में देश का भरपूर विकास हुआ है।अगर ऐसा है तो क्यों नहीं वो अपने किये विकास के दम पर वोट मांगते।

लश्कर सिंह ने बताया की उनकी पार्टी निमिन्लिखित मुख्य मुद्दों पर चुनाव लड़ने जा रही है:-

01. चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न अंग है। इसे पंजाब से छीना गया है।चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी थी, लेकिन इसे यूटी का दर्ज़ा दे दिया गया है । जो की पूर्णतः गलत है। इससे पंजाब की जनता अपने को ठगा सा महसूर कर रही है। केंद्र सरकार इसे सिंगल स्टेट कैपिटल डिक्लेअर करे, अन्यथा लोग संघर्ष करने को मजबूर होंगे।  

02. पंजाब का पानी भी केंद्र सरकार ने अपने कब्ज़े में ले कर अन्य राज्यों को लुटा दिया है।

03. अकाली दल-भाजपा का सहयोगी दल होने के चलते राज्य के ज्वलंत मुद्दों से भाग रहा है ।जबकि केंद्र में भजपा की सरकार होने के बाबजूद भी बीजेपी ने पंजाब के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने भी इन मुद्दों कोनजर अंदाज ही किया है ।

04. बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उनकेमुख्य एजेंडे में शामिल है।

05. राज्य सरकार की जन विरोधी और व्यवसाय विरोधी नीतियों के चलते राज्य से लगभग 20000 इंडस्ट्रीज पलायन कर अन्य राज्यों में शिफ्ट कर गयी है, यहाँ उन्हें इंडस्ट्री लगाने के लिए सब्सिडी मिल रही है ।

06. कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे पर आरोपप्रत्यारोप लगा रही है। देश के विकास को लेकर इनके पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है, मकसद है तो सिर्फ और सिर्फ सता पर काबिज़ होना। 

07. देश में दलितों पर जुल्म पहले से कई गुना बढ़चूका है। देश में एक भी दलित औरत सुरक्षित नहीं है। दलितों के लिए ये देश देश न होकर एक बहुत बड़ी जेल है । अपने सुरक्षित जीवन के लिए दलितों को एकजुट होना होगा और अन्याय के खिलाफआवाज उठानी होगी।

 चुनाव नजदीक आते हीभाजपा क्यों पाकिस्तान का मुद्दा उठाते है। येभाजपा का चुनावी स्टंट है। उनके इस तरह के प्रोपेगंडा से माहौल बिगड़ रहा है। भाजपा जंग का माहौल पैदा कर राजनीति कर रही है।इस तरह से तैयार किये गए माहौल से पंजाब में स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है, इसमे आम जनता क्यों मरें । 1984 में हजारों सिखों का कत्लेआम हुआ, 2002 में हजारों मुसलमान का क़त्ल कर दिया गया।इस तरह से आम इंसान ही मर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि 1984 और 2002 में हुए दंगे, दंगे नहीं थे बल्कि कत्ले आम था जोकि एक सोची समझी साजिश के तहत हुआ था। कांग्रेस और भाजपा क्यों नहीं इनकी जिम्मेवारी अपने सिर पर लेती। उनके चुनाव घोषणा पत्र में अफस्पा AFSPA और  यू ए पी ए जैसे अहम मुद्दे को भी बेहद गंभीरता से उठाया गया है, ये सच में निंदा और चिंता का विषय है। इसमें पुलिस कि दखलंदाज़ी बंद की जानी चाहिए।