विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ ने छोटे साहिबजादों को दी विनम्र श्रद्धांजलि

चंडीगढ़:

“माए तेरे पोते शहीदी पा गए,निहा विच आखरी फतेह बुला गए।”
पिता दशमेश गुरु गोबिंद सिंह जी के चारो शहब्ज़ादेयो ने 1709 में इस देश के लिए कुर्बानी दी थी। ऐसी कुर्बानी जो कि आज तक इस धरती पर कोई नही दे पाया।
साका सरहिन्द जो कि 21 दिसम्बर तो 28 दिसंबर तक इस सरवंश कि दास्तान बताता है। इसी शहीदी दिवस पर वी एच पी चंडीगढ़ ने छोटे साहिबजादे ज़ोरावर सिंह और फतेह सिंह को लक्ष्मी नारायण मंदिर, सेक्टर 20 में श्रदांजलि दी। बिहिप चंडीगढ़ अध्यक्ष कर्नल धर्मवीर ने सभी कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतवर्ष में जन्मे हर व्यक्ति को इन् महान बालकों से प्रेरित होना चाहिए और अपने देश एवं धर्म के लिए कर्मठ कार्य करते रहना चाहिए। इसके उपरांत दुर्गावानी संयोजिका शिप्रा बंसल ने माए तेरे पोते शहीदी पा गए, गीत इनके नमन में गया। उन्होंने कहा कि सब क्रिसमस में इतने गुम  हैं कि   हम अपनी ही संस्कृति  को भूलते जा रहे है जो कि बहुत की दुखदायी बात है। जिनकी वजह से हमें आज़ादी मिली है सदैव उन्हें याद करना चाहिए और बच्चो को इनका स्मरण करवाते रहना चाहिए।
इसके उपरांत नरेंद्र बंसल, बजरंग दल संयोजक ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इनकी शहादत का इतिहास सबके सामने रखा ।
इस मौके पर विशेष रूप से जितेंदर दलाल, दविंदर सिधु , राकेश चौधरी,अनुज सहगल, सुशील पांडेय,मनोज शर्मा,शिल्पी, हरसिमरन,ममता डोगरा, दिनेश शर्मा,सुभाष गोयल,ऋषि राज, जीतू,तजिंदर सिंह,भारत भूषण कपिला,नरेश अरोड़ा, ,जय राम जोशी, गिरिवर शर्मा,अरविंद शुक्ला, अरविंद मौर्य, सौरभ, संदीप और अन्य सैंकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।