सीएम विंडो का मजाक उड़ाने वाले अधिकारी सोमवार को होंगे सम्मानित

सिरसा, 18 अक्तूबर। अच्छे व बहादुरी के काम के लिए अधिकारियों को सम्मानित होते हुए तो आपने सुना होगा लेकिन सिरसा में पहली बार आगामी सोमवार को शासन-प्रशासन के आदेशों की निडर होकर अवहेलना करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जायेगा। उप आबकारी एवं काराधान आयुक्त, सिरसा व संयुक्त आबकारी एवं काराधान आयुक्त, हिसार रेंज, हिसार को सीएम विंडो पर दो साल पहले की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई न करके सीएम विंडो व शासन-प्रशासन के आदेशों की निडर होकर अवहेलना करने पर शिकायकर्ता द्वारा यह सम्मान किया जायेगा।

इन अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण दो साल से पेडिंग है सीएम विंडो पोर्टल पर शिकायत, नहीं मानते आदेश

शिकायकर्ता आजतक हरियाणा के एडीटर-इन-चीफ अंजनी गोयल ने बताया कि डीईटीसी (टैक्स) द्वारा दी गई, आरटीआई में जानकारी के पश्चात मैंने एक सीएम विंडो ष्टरूह्रस्नस्न/हृ/२०१८/१२६९६९ में शिकायत दर्ज करवाई थी। सीएम पोर्टल पर यह शिकायत डीईटीसी, सिरसा के पास आज तक पेंडिंग दर्शा रही है। इसी प्रकार इस सीएम विंडो पर लंबे समय तक कोई कार्रवाई न होने के कारण मैंने पुन: ष्टरू/ह्रस्नस्न/हृ/२०१९/११३३२७ पर इसी संदर्भ में शिकायत दर्ज करवाई लेकिन अधिकारियों ने  इसकी भी परवाह नहीं की। सीएम पोर्टल पर आज भी यह शिकायत ज्वाइंट कमीश्नर, सेल्ज टैक्स, हिसार के पास पेडिंग दर्शा रही है। उपरोक्त दोनों सीएम विंडो पर मुझे न्याय न मिलने व कार्रवाई न करने पर मैंने पुन: मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाया और एक बार फिर से सीएम विंडो  ष्टरू/ह्रस्नस्न/हृ/२०२०/०३८८०३ पर शिकायत दर्ज करवाई।

यह शिकायत पर सीएम विंडो पोर्टल पर ज्वाइंट  कमीश्नर, सेल्ज टैक्स, हिसार के पास पेडिंग दर्शा रही है। सीएम विंडो पर बार-बार शिकायत लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के बाद मैंने मुख्य सचिव, हरियाणा को एक पत्र 1 सितम्बर 2019 को लिखा।  इसके बाद 11 जुलाई 2020 को मैंने इसी संदर्भ में  एक पत्र डीजीपी विजिलेंस, हरियाणा को भेजा लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही।  इसके बाद 11 जुलाई  2020 को मैंने इसी संदर्भ में  पुन: एक पत्र मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार को भेजा लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई होती नहीं  दिख रही। उन्होंने बताया कि संयुक्त आबकारी एवं काराधान आयुक्त, हिसार रेज, हिसार ने उनको एक पत्र 12 जुलाई 2019 को  लिखा कि आप शिकायत के संबंध में 16 जुलाई 2019 को मेरे कार्यालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करवाएं।

आदेश की  पालना करते हुए 16 जुलाई 2019 को मैं संयुक्त आबकारी एवं काराधान आयुक्त, हिसार रेज, हिसार के कार्यालय पहुंचा और टी आई को अपने बयान दर्ज करवाए। बावजूद इसके फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।  अब शिकायत को पूरे दो साल हो गए हैं। शिकायतकर्ता इधर-उधर भटक रहा है लेकिन कोई न्याय नहीं मिल रहा  हालांकि कुछ दिन पहले उपायुक्त द्वारा अधिकारियों की बैठक लेकर आदेश दिए गए थे कि सीएम विंडो की शिकायतों की पेंडेंंसी  का निपटारा तीन दिन के अंदर कर दिया जाए। उस बात को भी अब लगभग एक हफ्ता होने वाला है। इसलिए शिकायतकर्ता ने तंग  आकर यह फैसला लिया है कि सीएम विंडो व उपायुक्त के आदेश का मजाक उड़ाने वाले अधिकारियों के पुतले बनाकर किसी भी  चौराहे पर उसका फूल-मालाओं का हार पहनाकर सम्मानित किया जाए ताकि उन्हें कुछ शर्म आए और वह दोबारा सीएम विंडो व  उपायुक्त के आदेशों का मजाक न उड़ाए और अपने काम के प्रति गंभीर हों।

ये है शिकायत
शिकायकर्ता अंजनी गोयल के अनुसार तत्कालीन डीईटीसी (टैक्स) के आदेश पर ईटीओ व एईटीओ ने बेगू रोड स्थित  हिल्टन एग्रो प्राइवेट लि. की फैक्ट्री पर रेड की और कागजात अपने कब्जे में ले लिए। फिर इस जांच का जिम्मा तत्कालीन ईटीओ  एवं वर्तमान में फतेहाबाद के डीईटीसी वीके शास्त्री को सौंपा। वीके शास्त्री ने फैक्ट्री संचालकों से सांठगांठ कर अपने अधिकारों का  दुरूपयोग कर फैक्ट्री संचालक पर मात्र 525 रूपए का जुर्माना व अन्य मद में पैनेल्टी लगाकर कुल 5250 रूपए में मामले को रफा-दफा कर दिया। शिकायकर्ता अंजनी गोयल को इस गड़बड़झाले का पता लगा तो उन्होंने डीईटीसी कार्यालय में जन सूचना  अधिकार के तहत सूचना मांगी। सूचना में बताया गया कि वीके शास्त्री का यहां से तबादला हो गया है और वह जांच की फाईल  इस कार्यालय में चार्ज में सौंप कर नहीं गया। रिकॉर्ड कीपर के भी यही बयान थे। शिकायकर्ता को फिर शक हुआ और उन्होंने 18  अक्तूबर 2018 को सीएम विंडो पर उक्त फाइल के बारे में शिकायत दर्ज करवाई। हैरानी की बात है कि दो साल से इस शिकायत क कोई निपटारा नहीं किया गया। इस शिकायत के संबंध में दो और सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी हैं लेकिन वीके शास्त्री के हाथ ऊपर तक होने का अंदेशा लग रहा है क्योंकि इस विभाग का कोई भी अधिकारी इस शिकायत का निपटान करने को तैयार नहीं है। इस फाइल को खुर्द-बुर्द करने से किसको फायदा पहुंचाया गया है और सरकार को कितना नुकसान हुआ है इसकी परत इस शिकायत के निपटान से खुलनी तय है। अब देखना होगा कि वीके शास्त्री व उक्त फर्म को कब तक विभागीय अधिकारी बचाते हैं। ये अधिकारी सीएम विंडो व उपायुक्त के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं क्योंकि उपायुक्त द्वारा सीएम विंडो की पेंडेंसी तीन दिन के अंदन निपटाने के आदेश जारी हुए हैं।

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