सौर ऊर्जा से जगमगाएंगी शिक्षण संस्थाएं व स्वास्थ्य केन्द्र- जगदीप ढांडा

पंचकूला फरवरी 5: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा 200 किलोवाट का ग्रिड कनैक्टिड रूप टॉप सौलर पावर प्लांट लगाये जा रहे है। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह मेें भी ग्रिड कनैक्टिड रूप टॉप सौलर पावर प्लांट से लगाया गया है जिसके सभी कमरों सौर ऊर्जा से बिजली मुहैया करवाई जा रही है है। 
यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य परियोजना अधिकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा पंचकूला जगदीप ढांडा के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा घरेलू, निजी शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संस्थानों द्वारा ग्रिड कनैक्टिड रूप टॉप सौलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से तय दर का 30 प्रतिशत या 20 हजार रुपए प्रति किलोवाट जो भी कम हो अनुदान दिया जाता है। 
उन्होंने बताया कि जिला में अब तक इस योजना के तहत घरेलू व शिक्षण संस्थानों में इस योजना का लाभ उठाकर खपत अनुसार सौर ऊर्जा सिस्टम लगवाए जा चुके हैं, जिसके लिए विभाग द्वारा भारी अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई है। सोलर पावर प्लांट लगाने के अनेक लाभ हैं। इससे बिजली के 90 प्रतिशत बिजली बिल को कम किया जा सकता है तथा नेट मीटरिंग द्वारा सौलर से बनी फालतू बिजली विद्युत निगम को देने की सुविधा भी है। 
उन्होंने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सौलर पावर प्लांट एक वर्ष में लगभग 15 सौ यूनिट बिजली बनाता है। यह संयत्र लगभग 25 वर्ष तक कार्य करता है। उन्होंने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अक्षय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा मनोहर ज्योति (सोलर होम लाईटिंग सिस्टम) लीथियम बेट्री के साथ सोलर स्ट्रीट लाईटिंग सिस्टम, सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम, सोलर कुकर, सोलर वाटर हिटिंग सिस्टम विशेष अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं। 
उन्होंने बताया कि जिले के राजकीय विद्यालयों में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजैक्ट लगाए जाएगे ताकि बिजली की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 50 किलोवाट से ज्यादा की क्षमता वाले स्कूलो, कॉलेज व आईटीआई में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजैक्ट लगाए जाएगें। इसके अतिरिक्त पीएचसी व सीएचसी में भी रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजैक्ट लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है जिस पर शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं के तहत विशेषकर किसानों को भारी मात्रा में सबसिडी प्रदान की जा रही है। विभाग की ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट योजना ने पंचकूला के लोगों पर अमिट प्रभाव छोड़ा है और इसकी मांग निरन्तंर बढ रही है। इस योजना से जिला में एक हजार किलोवाट सौर ऊर्जा से बिजली बनाने का लक्ष्य रखा गया था जिसे पूरा करके विभाग ने 500 किलोवाट सौर ऊर्जा से अतिरिक्त बिजली बनाने कंे लिए भी अलग से डिमांड मांगी है। क्योंकि इस परियोजना में जिला के लोेग बढ चढ कर भाग ले रहे हैं और अपने अपने घरों पर सौर ऊर्जा के प्लांट लगाने के लिए निरन्तर विभाग से तालमेल बनाए हुए है। 
     अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस योजना में अब तक एक करोड़ 50 लाख रुपए की सबसिडी का लाभ पंचकूला के लोगों को मुहैया करवाई गई है। जिला के 137 व्यक्गित घरों की छतों पर तथा 10 प्राईवेट स्कूलांें ने इसका लाभ उठाया है तथा इसके माध्यम से एक लाख 44 हजार से भी ज्यादा प्रति वर्ष प्रति किलोवाट बिजली की पैदावार की जाने लगी है। दिन के समय लोग अपनी आवश्यकताएं पूरी करते है तथा रात के समय शेष बिजली को ग्रिड के माध्यम से बिजली निगम को बेच रहे हैं। इस प्रकार पंचकूला न केवल बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हुआ है बल्कि अन्य जिलों को भी फालतू बिजली भेजने का कार्य कर रहा है।