स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव व राज्य अध्यक्ष राजीव गोदारा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर ग्रामीण सफाई कर्मियों की मांगे मनाने की अपील की है।

 

चंडीगढ़, जून 29, 2020: मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया है कि स्वराज इंडिया समाज के उन विभिन्न वर्गों की मांगों के समर्थन में आवाज उठाता रहा है,  जो आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक हाशिये पर हैं और जिनकी आवाज कमजोर है। इसी राजनीतिक संस्कृति के तहत  स्वराज इंडिया हरियाणा के ग्रामीण अंचल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की जायज व महत्वपूर्ण मांगों का समर्थन करता है। मुख्यमंत्री से भी गुजारिश करता है कि सरकार इन मांगों पर मानवीय, प्रशासनिक व राजनीतिक आधार पर विचार कर इन्हें पूरा करे।

हरियाणा के सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा दी जाए।  साथ ही तुरन्त से सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क हाथों में पहनने के लिए दस्ताने, सफाई का साबुन, सैनिटाइजर, गम बूट आदि तुरंत दिया जाए: योगेन्द्र यादव

ग्रामीण सफाई कर्मियों की मांगों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में 11 हजार ग्रामीण सफाई  कर्मचारी अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभा रहे है।  लेकिन हमेशा से ही इन कर्मियों की साथ अन्य कर्मियों कि तरह बर्ताव नहीं हुआ। हमेशा से इन्हे इनके पूरे अधिकार नहीं मिले है। इन्हें जरूरी सुरक्षा उपकरण व चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा। कोरोना के दौर में काम करने के लिए विशेष मानदेय भी नहीं दिया गया है। अभी कोरोना का संकट न मालूम कितनी देर चलना है, इसलिए इन कर्मियों का बीमा करवाया जाए !

ग्रामीण सफाई कर्मियों को कारोना का योद्धा मान कर विशेष मानदेय दिया जाय। साथ ही कोरोना प्रकोप के बीच काम करने से बढ़े खतरे के मध्यनजर 50 लाख का बीमा कवरेज तथा जोखिम भत्ता दिया जाए : राजीव गोदारा

ग्रामीण सफाई कर्मियों को ईपीएफ के दायरे में लाने की मांग करते हुए याद दिलाया गया है कि इन कर्मियों के प्रयासों के चलते पंचायत विभाग ने  4 सितंबर 2019 को पीएफ लागू करने का पत्र जारी किया था। 9 जनवरी को वित्त विभाग ने भी इसकी मंजूरी दे दी तथा 17 मार्च को विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव ने ईपीएफ लागू करने बारे पत्र जारी कर दिया। मगर अभी तक इन कर्मियों को ईपीएफ स्कीम से कवर नहीं किया गया है।

कोरोना जैसी महामारी में भी अपनी  जान जोखिम में डालकर कर्तव्य निभा रहे कर्मियों को सैनिटाइजर,साबुन, मास्क, दस्ताने, जूते आदि नहीं दिए जाने से खतरा बढ़ने की याद भी दिलाई गई है।

ग्रामीण सफाई कर्मियों को नौकरी की असुरक्षा को भी पत्र में रेखांकित  करते कहा गया है कि ये कर्मचारी अपनी नौकरी को लेकर असुरक्षित हैं,  दिन रात इन्हें अपनी नौकरी और उज्जवल भविष्य की चिंता सताए जाती है। लेकिन आज तक इनको नौकरी की सुरक्षा देने बारे कोई कदम नहीं उठाया गया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में स्वराज इंडिया की तरफ से हरियाणा सरकार से मांग करती है कि:-
*  ग्रामीण सफाई कर्मियों को कारोना का योद्धा मान कर विशेष मानदेय दिया जाय।
*  सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क हाथों में पहनने के लिए दस्ताने, सफाई का साबुन, सैनिटाइजर, गम बूट आदि तुरंत दिया जाए।
*  राज्य भर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का तुरंत ईपीएफ के तहत लाया जाए।
*  कोरोना प्रकोप के बीच काम करने से बढ़े खतरे के मध्यनजर 50 लाख का बीमा कवरेज तथा जोखिम भत्ता दिया जाए।
*  सफाई का महत्व को स्वीकार करते हुए सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा दी जाए।

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