हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के विद्यार्थियों को कि राहत देने की मांग

चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र के माध्यम से प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राहत देने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के कई हिस्सों के साथ हरियाणा प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसके चलते पिछले तीन महीनों से प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। इस कारण इन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई भी सुचारू रूप से नहीं हो पाई है, कई विद्यार्थियों का सिलेबस भी पूरा नहीं हो पाया है और विद्यार्थियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है। वहीं अब हरियाणा सरकार के एक फैसले ने प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। सरकार ने हरियाणा के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही उत्तीर्ण करने का निर्णय लिया है ,जबकि अंतिम वर्ष के हरियाणा के मूल निवासी विद्यार्थियों के लिए परीक्षा देना अनिवार्य किया गया है। इस फैसले ने हमारे प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। वहीं जिन विद्यार्थियों को रिअपीयर की परीक्षाएं देनी हैं, उनके लिए भी परीक्षाएं देना अनिवार्य किया गया है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच यह विद्यार्थी परीक्षाएं देंगे, तो इन पर भी कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराता रहेगा। सरकार का यह फैसला इन विद्यार्थियों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। ऐसे समय में इन विद्यार्थियों को राहत देना बेहद ही आवश्यक है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश के मूल निवासी अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन और पिछले रिजल्ट के आधार पर बिना परीक्षा दिए उत्तीर्ण किया जाए। इसके साथ ही रिअपीयर वाले विद्यार्थियों को भी बिना परीक्षा के उत्तीर्ण कर राहत दी जाए।

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