हरियाणा में नही पंजाब व राजस्थान में है किसान आंदोलन की जरूरत: प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़

 

चंडीगढ़, हिसार: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने वर्तमान में चल रहे तथाकथित किसान आंदोलन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कोई किसान आंदोलन ना होकर एक सिलेक्टिव आंदोलन है, जो विपक्षी पार्टियों के द्वारा पूर्ण रूप से संचालित है।

किसान हित की योजनाओं को लागू करने में पूरे देश में अव्वल है हरियाणा प्रदेश l

शनिवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा, विधायक डॉक्टर कमल गुप्ता, विधायक विनोद भयाना, महापौर गौतम सरदाना, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिला अध्यक्ष कैप्टन भूपेंदर, वीर चक्र भी इस अवसर पर मौजूद थे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन केवल भाजपा-जजपा सरकार के विरोध मात्र के लिए है, जबकि वास्तविकता में हरियाणा प्रदेश किसान हित की योजनाओं को लागू करने के मामले में पूरे देश का प्रथम राज्य है। आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा में आंदोलन कर रहे पंजाब के लोगों को सबसे पहले अपने यहां किसान हित की योजनाएं लागू करवानी चाहिए।

पंजाब में किसानों से गन्ना 320 रुपये प्रति क्विंटल लिया जा रहा है जबकि हरियाणा में गन्ने की खरीद 350 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से होती है। इसी प्रकार से पंजाब में आपदा प्रबंधन के तहत 8000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा किसानों को दिया जाता है जबकि हरियाणा में यह मुआवजा राशि 12000 रुपये प्रति एकड़ है।

पंजाब में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सही से क्रियान्वयन नहीं होने के चलते वहां के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है जबकि हरियाणा के किसानों को अब तक बीमा योजना के तहत कई हजार करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं। इसलिए पंजाब के लोग जो हरियाणा में आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें सबसे पहले अपने राज्य में किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए आंदोलन करना चाहिए। इसी प्रकार से पड़ोसी राज्य राजस्थान में फसल खरीद कार्य की तुलना करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान मैं किसानों का बाजरा 1150 रुपये के भाव पर खरीदा जाता है जबकि हरियाणा में बाजरा का सर्वाधिक भाव यानी 2150 रुपए किसानों को दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन हरियाणा के बजाय पंजाब व राजस्थान में होना चाहिए, जहां कृषि क्षेत्र के कुप्रबंधन और सरकार की गलत नीतियों की वजह से किसान लगातार बर्बादी की ओर जा रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वास्तव में यह किसान का आंदोलन ना होकर वामपंथी दल और कांग्रेस पार्टी द्वारा संचालित आंदोलन है। उन्होंने अनुरोध किया कि ये पार्टियां आंदोलन में अपने पार्टी के झंडों के साथ शामिल हो ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

एक प्रश्न के उत्तर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर वे विपक्ष में रहते हुए आंदोलन करते थे, उनमें से अधिकतर मुद्दों का समाधान भाजपा की सरकार बनने के बाद किया गया है। आज किसानों को उनकी फसलों का बेहतर दाम मिल रहा है। प्रदेश में कृषि जोखिम मुक्त हुई है क्योंकि फसल बीमा योजना के साथ-साथ भावांतर भरपाई जैसी योजना को प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि खेती के साथ-साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए भी हरियाणा सरकार निरंतर प्रयासरत है और इसी दिशा में गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन के लिए ऐसी तकनीक पर कार्य आरंभ कर दिया गया है जिसमें बेहतर नस्ल की बछिया पैदा होंगी। इस अवसर पर भाजपा ज़िला मीडिया प्रभारी राजेंद्र सपड़ा सहित अन्य नेता व पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।