हरियाणा स्वाभिमान आन्दोलन में लिए गए 3 बड़े फैसले, 18 अगस्त से निकलेंगे किसान सत्याग्रह यात्रा।

झज्जर ज़िले के आसौदा गाँव में दिल्ली-भटिंडा रेलवे लाइन के समीप बुधवार से किसान नेता रमेश दलाल के नेतृत्व में डेरा डाले किसानो का रेल रोको कार्यक्रम में एक्शन मोड़ गुरुवार को दुसरे दिन भी जारी रहा। हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के बैनर तले संघर्ष कर रहे किसानो ने 14 अगस्त से सरकार द्वारा मांगे ना पूरी किये जाने की स्थिति में रेल रोकने की अपनी चेतावनी को अमल में लाते हुए रेलवे ट्रैक की तरफ रूख किया था। रेलवे ट्रैक पर भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण, किसानो ने रेलवे ट्रैक के समीप अपना डेरा दाल लिया व् वही धरने पर बैठ गए। 

बुधवार की तरह गुरुवार को भी जहाँ एक तरफ बड़ी संख्या में किसान पहुंचे वही भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसानो ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को 2 बजे तक का समय दिया। लेकिन 2 बजे तक भी सरकार द्वारा कोई सकारात्मक जवाब ना मिलने के कारण, किसानो ने तीन बड़े फैसलों पर मोहर लगा दी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने बताया की पहला फैसला है की हमारा रेल रोको कार्यक्रम अनिश्चितकालीन समय के लिए यथावत जारी रहेगा तथा यह हमारी इच्छा है कि हम किस दिन, समय व् स्थान पर रेल रोकेंगे। जब तक पुलिस बल रेलवे लाइनो पर मौजूद रहेगी, हम रेल नहीं रोकेंगे लेकिन पुलिस बल हटते ही हम रेल रोकने का काम करेंगे।  दूसरा फैसला 12 अगस्त को दादरी ज़िले के खातीवास गाँव निवासी किसान धर्मपाल की हुई मृत्यु के सन्दर्भ में लिया गया है। गौरतलब है कि 12 अगस्त को हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे किसान धर्मपाल का ह्रदयगति रुकने से स्वर्गवास हो गया था।  परिजनों ने किसान की मृत्यु के लिए सरकार को दोषी ठहराया था। परिजनों का कहना है कि  राष्ट्रिय राजमार्ग 152 डी के निर्माण में मिल रहे कम मुआवज़े के कारण किसान धर्मपाल काफी मानसिक तनाव में रहता था जिसके कारण उसकी मृत्यु हुई।  रमेश दलाल ने बताया उनके परिवार व गांव ने फैसला लिया गया है कि किसान धर्मपाल का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे जब तक आंदोलन  की मांगे पूरी नहीं हो जाती तथा धर्मपाल के परिवार को एक करोड़ रूपये मुआवज़ा व् सरकारी नौकरी नहीं मिल जाती। तीसरा बड़ा फैसला है कि 18 अगस्त से ट्रैक्टर-ट्रैलियो के काफिले से किसान सत्यग्रह यात्रा निकली जाएगी। रमेश दलाल का कहना है कि 18 अगस्त से मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी अपनी चुनावी यात्रा शुरू कर रहे है, हम भी यात्रा निकाल कर यह स्पष्ट कर देंगे की हरियाणा का किसान संगठित हो चूका है। यात्रा का रोडमैप पूछे जाने पर रमेश दलाल ने बताया कि यात्रा की शुरुआत दादरी ज़िले में शहीद किसान धर्मपाल के गांव खातीवास से की जाएगी। 

रमेश दलाल ने बताया कि अगर यात्रा के दौरान, सरकार ने हमारी मांगे मान ली तो हम अपनी यात्रा को स्थगित करके अपने किसान धर्मपाल का अंतिम संस्कार करेंगे और आंदोलन को स्थगित कर देंगे। साथ ही रमेश दलाल का कहना है कि अगर  किसान सत्याग्रह यात्रा के बाद भी सरकार ने हमारी मांगो को पूरा नहीं किया तो मुख्यमंत्री को प्रचार के लिए हरियाणा के किसी गाँव में भी नहीं घुसने दिया जाएगा। किसानो के द्वारा लिए गए तीन बड़े फैसलों के बाद सरकार का क्या रूख रहेगा यह देखना अभी बाकी है। बुधवार देर शाम तक बड़ी संख्या में किसान व् पुलिस बल रेलवे लाइन पर ही डटे हुए थे।