हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ एडवोकेट के मुंशी के साथ एक ही परिवार के सदस्यों ने की गाली-गलौच

पंचकूला, 23 मई: हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ एडवोकेट के मुंशी के साथ एक ही परिवार के सदस्यों ने पहले गाली-गलौच की, जाति सूचक अपशब्द कहे और उसके बाद जान से मारने की धमकी दे डाली। हद तो तब हो गई जब एक महिला ने मुंशी के ऊपर थूक भी दिया। जिसकी एक लिखित में शिकायत एडवोकेट के मुंशी ने सेक्टर 2 पुलिस चौकी में देकर न्याय की गुहार लगाई है की सभी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज करके सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
दरअसल मामला पंचकूला सेक्टर 4 का है जब पहली मंजिल पर रहने वाले परिवार की एक महिला घर वापिस आई थी उनकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और आधार कार्ड का पता चंडीगढ़ बापूधाम कॉलोनी का ट्रेस हो रहा था,क्योंकि बापूधाम कॉलोनी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है इसीलिए इस एरिया को कंटेनमेंट घोषित किया हुआ है। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले एडवोकेट दीपक अग्रवाल ने जांच पड़ताल के लिए स्थानीय पुलिस को सूचित किया कि इसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि इस समय हल्की सी भी लापरवाही सेक्टर वासियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ज्ञात रहे कि जिला प्रशासन ने भी लोगों को आगाह किया हुआ है कि अगर कोई व्यक्ति बाहर से या आसपास किसी शहर से आते हैं तो उनकी सूचना स्थानीय पुलिस या फिर जिला प्रशासन को दी जाए।बस यही एक नेक काम की छोटी सी गलती एडवोकेट और उसके मुंशी को जलील होकर महंगी पड़ गई। जानकारी के अनुसार खड़क मंगोली पुराना पंचकूला का रहने वाला सोनू पंचकूला सेक्टर 4 में एडवोकेट दीपक अग्रवाल के घर के दूसरे फ्लोर पर बने ऑफिस में पिछले 10 वर्षों से काम करता है।पुलिस में दी शिकायत में मुंशी सोनू ने जिक्र करते हुए बताया कि शनिवार दोपहर करीब 12 बजे जब वह दूसरी फ्लोर पर बने ऑफिस में काम करने जा रहा था इस दौरान पहली मंजिल पर बीच में रहने वाले तुषार, श्यामलाल, सांझी बंसल और कविता ने उसे जातिसूचक अपशब्द कहे। सोनू मुंशी ने शिकायत की कॉपी में आगे जिक्र करते हुए बताया कि सभी लोगों ने उन्हें करोना मरीज,सड़ा हुआ, कमीना व अन्य कई तरह की अभद्र भाषाओं का प्रयोग करके उसे जलील किया। इस दौरान उनके वकील दीपक अग्रवाल भी उनके साथ मौजूद थे, जिन्होंने थोड़ी बहुत गाली गलौज की इस घिनौनी हरकतों को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया था। वकील के मुंशी सोनू ने पुलिस के आला अधिकारियों से कहा है कि वह छोटे वर्ग से जरूर ताल्लुक रखता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी व्यक्ति उसकी जाति को लेकर उसे जलील करें और उसे अपशब्द कहे, क्योंकि यह एक दंडनीय अपराध है। मुंशी ने पुलिस के आला अधिकारियों से पुरजोर अपील की है कि इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ जातिसूचक अपशब्द प्रयोग करने और उसे जान से मारने की धमकी के मामले में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।ताकि उसे इंसाफ मिल सके। अपना दर्द बयां करते हुए मुंशी ने कहां कि उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, उसके साथ हुए अभद्र व्यवहार के कारण इन सभी व्यक्तियों को सजा जरूर मिलेगी। जब इस बारे में एरिया थाना प्रभारी सेक्टर 5 ललित कुमार से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह मामला उनकी नॉलेज में ही नहीं है। इतना कहकर उन्होंने फोन डिस्कनेक्ट कर दिया। जब एसीपी नूपुर बिश्नोई से बात की गई तो उन्होंने बताया की मुझे पुलिस चौकी में पूछना पड़ेगा कि क्या कार्यवाही हुई है। मुझे दोपहर को एक फोन आया था एडवोकेट की तरफ से उस समय उन्होंने कंप्लेंट ही नहीं दी थी जाति सूचक शब्द वाली। आप एरिया थाना प्रभारी से बात कर लीजिए। सेक्टर 2 चौकी प्रभारी मलकीत सिंह ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है जो भी इस मामले में उचित कार्रवाई होगी वह करेंगे।