14 मई, शुक्रवार की अक्षय तृतीया इस बार अत्याधिक शुभ: मदन गुप्ता सपाटू

चंडीगढ़: ज्योतिषीय दृष्टि से चार अबूझ व स्वयंसिद्ध मुहूर्त हैं जिसमें किया गया कोई भी कार्य चिर स्थाई एवं शुभ माना जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा तथा दीवाली। अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय न हो। यह तिथि भगवान परशुराम जी का जन्मदिन होने के कारण परशुराम तिथि और चिरंजीवी तिथि भी कहलाती है। त्रेता युगा का आरंभ भी इसी तिथि से माना गया हैं, अतः इसे युगादितिथि भी कहा गया है। इस दिन किए गए कार्यों का अक्षय फल मिलता है। परशुराम जी का अवतरण भी इसी दिन हुआ था। ब्रहमा जी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन माना जाता है। यह एक सर्वसिद्ध मुहूर्त माना जाता है जिस दिन पंचाग देखे बगैर कोई भी मांगलिक शुभ कार्य किया जा सकता है। नए व्यवसाय या नई संस्था की नींव रखी जा सकती है।

परंतु देश काल परिस्थ्ति के अनुसार किसी भी पर्व, त्योहार या धार्मिक अनुष्ठान को मनाना ही तर्क संगत होता है। अतः अन्य त्योहारों व उत्सवों की तरह अक्षय तृतीया को भी सीमित दायरे में मनाने में ही समझदारी हैं

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त

· तृतीया तिथि का आरंभ: 14 मई 2021 को प्रात: 05 बजकर 38 मिनट से.

· तृतीया तिथि का समापन: 15 मई 2021 को प्रात: 07 बजकर 59 मिनट तक.

· अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त: प्रात: 05 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक

· अवधि: 06 घंटा 40 मिनट

महामारी के कारण घर में पूजा करें और मां लक्ष्मी का ध्यान करें। महामारी के इस समय में इस दिन किसी मदद चाहने वाले व्यक्ति को दान करना बहुत पुण्य फलदायी रहेगा।

सनातन धर्म शाश्वत है और बहुत लचीला है अतः देश ,काल परिस्थ्तियों एवं समय की आवश्यकतानुसार बदला जाता रहा है। वर्तमान संदर्भ में ,कोराना काल के सभी नियमों का पालन करते हुए, पाठ पूजा घर में ही करें। अक्षय तृतीया पर दान का भी बहुत महत्व है और आज परंपरागत दान की वस्तुएं बदल गई हैं। आप जरुरतमंदों को दवाईयां, वैक्सीन, आक्सीजन,पी पी ई किट, मास्क, सैनेटाइजर, कोरोना पीड़ित परिवारों को फूड पैकेट, शमशान में लकड़ियां आदि भी दे सकते हैं।

अक्षय तृतीया पर करें सुख समृद्धि के उपाय

यदि अक्षय तृतीया पर पर बैंक में नया खाता खेाला जाए या पुराने खाते में धन जमा कराया जाए तो धन में निरंतर वृद्धि होती है।

इस दिन किया गया कोई भी नया निवेश कई गुणा बढ़ जाता है। आप नई बीमा पालिसी, म्युचुअल फंड , सोने आदि में पहले दिन धन लगा सकते हैं। इसके अलावा बैंक या घर के लाकर में ,लाल या पीले कपड़े में 12 साबुत बादाम बांध कर रख दिए जाएं तो भी आभूषणों में वृद्धि होती रहती है और उसमें कभी कमी नहीं आती।

यह काफी समय से प्रमाणित प्रयोग हैं जो भारतीय परंपरा ,आस्था एवं ज्योतिष का एक भाग हैं। इस दिन लोन एकाउंट में पैसा लौटाएं और किसी को उधार न दें न किसी से लें। फिर देखिए आपके यहां बरकत कैसे नहीं होती !

अक्षय तृतीया के दिन क्यों खरीदते हैं सोना ?

ऐसी मान्यता है कि इस दिन अगर हम भौतिक संसाधन जुटाएं तो वो हमारे जीवन में हमेशा बने रहते हैं। ऐसे में अक्षय तृतीया के दिन नया काम शुरू करने, भौतिक संसाधनों जैसे बर्तन, सोना, चांदी जैसी अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना गया है। साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना आने वाली पीढ़ियों के साथ बढ़ता चला जाता है।अक्षय तृतीया के दिन सूरज की किरणों में काफी तेज होता है। सूर्य का संबंध सोने के चलते इस दिन सोना खरीदना शक्ति और ताकत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस दिन अगर आप सोना नहीं खरीद पाते हैं तो दान-पुण्य करके जीवन में आने परेशानियां दूर कर सकते हैं।