15 लाख में से सिर्फ 647 युवाओं को मिला रोज़गार: आरटीआई

चंडीगढ़ | आगामी हरियाणा विधानसभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही स्वराज इंडिया ने मुख्यमंत्री खट्टर को कहा है कि रोज़गार के नाम पर “मनोहर कहानियां” सुनाना बंद करें और सवालों के जवाब दे। एनएसएसओ के हालिया आंकड़ों के हिसाब से हरियाणा उन राज्यों में से हैं जहाँ बेरोज़गारी चरम पर है और राष्ट्रीय औसत से भी ज़्यादा है। ऐसे में कई सवाल हैं जिनका जवाब पिछले पाँच साल से सत्ता में बैठी सरकार को देना पड़ेगा। जन आशीर्वाद यात्रा के नाम पर हरियाणा भ्रमण कर रहे मनोहर लाल खट्टर से स्वराज इंडिया ने बेरोज़गारी के मुद्दे पर चार सवाल पूछे हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा है कि जन आशीर्वाद का हकदार वही हो सकता है जो जनता के सवालों का जवाब दे, काम का हिसाब दे, अपने दावों और वादों पर खरा उतरे।

आरटीआई से मिली एक जानकारी के अनुसार प्रदेश के रोज़गार कार्यालयों पर पंजीकृत 15,21,854 बेरोज़गार युवाओं में से मात्र 647 को रोज़गार मिला है। हैरत की बात है कि ये आंकड़ें जिन 15 जिलों से इक्कट्ठा किए गए उनके अधिकारियों को सरकार ने प्रताड़ित किया और इनमें से दो अधिकारियों को तो निलंबित तक कर दिया। बाद में 26 फरवरी 2019 को हरियाणा विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए सरकार ने बताया कि 49,299 रोज़गार दिए गए जबकि सच्चाई ये है कि इन आंकड़ों में रोज़गार केंद्र पर पंजीकृत बेरोज़गारों में से 2461 के अलावा सक्षम योजना से 1490, स्किल अकेडमी के माध्यम से 12, ओला 5567 और उबर 11105 से लेकर जिफोरएस सुक्युरिटी गार्ड तक के रूप में काम कर रहे 641 लोगों का ज़िक्र है। इसके अलावा अलग अलग मौकों पर लगाये गए रोज़गार मेले का भी ज़िक्र है। ऐसे में सवाल ज़रूर उठता है कि अगर सरकार हर तरह के और हर माध्यम से मिले रोज़गार को गिन रही है तो कुल बेरोज़गारों की संख्या बताते वक़्त सिर्फ रोज़गार कार्यालय पर पंजीकृत युवाओं को ही क्यूँ गिन रही है। लेकिन अफसोस यह है कि मनमाने ढंग से आंकड़ों को प्रस्तुत करने के बावजूद खट्टर सरकार यह दर्शाने में कामयाब नहीं हो पाई कि प्रदेश के कुल बेरोज़गारों में से 1% को भी रोज़गार दे पाए हों।
हाल फिलहाल में सीएम खट्टर यह बोलते भी पाए गए हैं कि सरकार अब इतना अच्छा काम कर रही है कि सिर्फ उन्हीं युवाओं को रोज़गार नहीं मिलता जो निक्कमे हैं। आश्चर्य है कि हरियाणा के बेरोज़गार युवाओं को निक्कमा बताने वाले मनोहर लाल खट्टर किस मुँह से उनके परिवारों से आशीर्वाद मांगने निकले हैं।

स्वराज इंडिया ने अपनी मुहिम “मनोहर कहानियां नहीं, हिसाब चाहिए” के अंतर्गत मुख्यमंत्री खट्टर से बेरोज़गारी पर चार सवाल पूछे हैं:

1) मनमाने ढंग से आंकड़ें तैयार करने के बावजूद 1% बेरोज़गार युवाओं को भी काम क्यूँ नहीं दिखा पाई सरकार?
2) आखिर क्या छिपाना चाहते हैं सीएम खट्टर जो रोज़गार के सवाल पर आरटीआई का जवाब देने वाले अधिकारियों को प्रताड़ित किया और सज़ा दी गयी?
3) जिस सक्षम युवा योजना का सीएम खट्टर ढिंढोरा पीट रहे हैं, उसके तहत कितने बेरोज़गार पंजीकृत हुए और कितनों को रोज़गार दिया गया?
4) हरियाणा के 1% बेरोज़गार युवाओं को भी जब काम नहीं दे पाए तो किस मुँह से आशीर्वाद मांगने निकले हैं सीएम?