15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का शुरू किया गया टीकाकरण

पंचकूला, 03 जनवरी: 3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण का शुभारंभ सेक्टर 16 के अर्बन हैल्थ सेंटर में किया गया। इस अवसर पर आज पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व अंबाला लोकसभा सांसद श्री रतनलाल कटारिया ने बोलते हुए कहा कि भारत ने पूर्ण टीकाकरण के संकल्प को पुनः दोहराया है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा कदम है।

सांसद ने लोगों से कोविड प्रोटोकाॅल का गंभीरता से पालन करने की, की अपील

श्री कटारिया ने बताया कि भारत अब तक 145 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर चूका हैं। भारत इस वर्ष 500 करोड़ वैक्सीन का उत्पादन करने के लिए भी तैयार है, जिसका एक बड़ा हिस्सा दूसरे देशों को निर्यात के रूप में दिया जाएगा।

श्री कटारिया ने कहा कि वैक्सीनेशन में दुनिया के विकसित देशों को भारत ने पीछे छोड़ दिया है। डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 रोकथाम के दोनों स्वदेशी टीके कोवैक्सीन और कोविशील्ड को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी हैं। सफल टीकाकरण अभियान की एक खास बात यह भी रही है कि नए-नए समाधान खोजें, इनोवेटिव तरीके आजमाए। ‘सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन’ अभियान के तहत एक दिन में करीब-करीब ढाई करोड वैक्सीन डोज लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि भारत की कैपबिलिटी क्या है, हमारा सामर्थ्य क्या है, जिसके कारण विश्व भर के देशों में भारत की विश्वसनीयता बड़ी है।

श्री कटारिया ने कहा कि कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर भी सरकार सचेत हैं। प्रधानमंत्री स्वयं हाई लेवल मीटिंग्स लेकर हालात का जायजा ले रहें हैं और केंद्र सरकार राज्यों के साथ तालमेल बनाकर उन्हें उचित दिशा-निर्देश दे रही हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने ने ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए प्रदेश की जनता को इस संक्रमण से बचाने के लिए कुछ कड़े नियम लागू किये हैं ताकि हालातों को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सभी जिलों में ही नहीं पूरे भारत में 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू हो गया हैं। उन्होंने सभी से अपील करते हुये कहा कि वे कोविड प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन करे (नियमित हाथ धोये, मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिग का पालन करे) ताकि सभी स्वयं भी ओमिक्रोन से सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रख सकें।