Daily Archives: October 4, 2019

पंचकूला जिला के ग्रामीण क्षेत्र में त्रेमासिक कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

पंचकूला, 4 अक्टूबर- जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा अक्तूबर से दिसंबर मांह तक पंचकूला जिला के ग्रामीण क्षेत्र में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण…

CPWD to Construct Touring Officers’ & GPRA Accommodation at Chandigarh

Chandigarh/ PIB News: Shri Prabhakar Singh, Director General, Central Public Works Department (CPWD), Chandigarh laid the foundation stone of Touring Officers’ Accommodation & General Pool Residential Accommodation, Sector-38 B, Chandigarh today. CPWD shall be constructing Touring Officers’ Accommodation at…

भूखे मरने को मजबूर हो रहे लोगों को जीवन देने वाले

चंडीगढ़ – पंजाब में कहीं भी सडक़ हादसा होने की सूरत में घायलों  अथवा आपात स्थिति में रोगियों को अस्पताल पहुंचाने वाले 108  एंबुलेंस चालक व कर्मचारी निजी कंपनी की अनदेखी के चलते  भूखे  मरने के कगार पर हैं। आपात स्थिति में अपनी जान जोखिम में डालकर रोगियों को अस्पताल पहुंचाने वाले चालकों व कर्मचारियों को न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही उन्हें कभी कोई तरक्की दी जाती है। एंप्लाइज एसोसिएशन 108 पंजाब के प्रधान दलजीत सिंह व चेयरमैन विक्रमजीत सिंह ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वर्ष 2011 में सरकार द्वारा 108 एंबुलेस सेवा के तहत 242 एंबुलेंस वाहनों को सडक़ों पर उतारा था इनके संचालन की जिम्मेदारी एक दागी कंपनी जिकित्जा हेल्थ केयर को सौंपी गई थी। इस कंपनी को पहले ही राजस्थान व अन्य कई राज्यों को ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इन वाहनों में 1100 से अधिक चालक तथा इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट कर्मचारी को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि  संबंधित कंपनी द्वारा उनके पास से आठ घंटे की बजाए 12-12 घंटे  काम लिया जा रहा है। वर्तमान में इन एंबुलेंस  के  चालकों को 8500  रुपए तथा ईएमटी को 9200 रुपए वेतन दिया जाता है। प्रैस कांफ्रेंस में मौजूद युनाईटिड हयूमन राईस के अध्यक्ष रोहित मक्कड और संयोजक जगदीप राणा ने खुलासे करते हुये बताया कि ते हुये बताया कि सरकार द्वारा संबंधित कंपनी को प्रति माह प्रति एंबुलेंस एक लाख 42 हजार रुपए की अदायगी की जाती है जबकि कंपनी द्वारा कभी भी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि नहीं की गई है। कंपनी द्वारा कर्मचारियों  को बेवजह निकाले जाने पर भी यूनियन कड़ी निंदा करती है। पंजाब सरकार से चालकों व ईएमटी कर्मियों को अपने अधीन लिए जाने की मांग करते हुए उक्त कर्मचारियों ने कहा कि एंबुलेंस चालक अपनी जान जोखिम में डालकर चलते हैं ।कंपनी द्वारा नियमों के बावजूद आज तक किसी भी कर्मचारी को बीमा सुविधा नहीं दी गई है। इसके उलट  सरकार द्वारा जवाब तलब किए जाने पर कंपनी सभी चालकों का बीमा करवाए जाने का दावा कर  रही है। उन्होंने बताया कि एंबुलेस पर काम करने वाले कर्मचारियों को अक्सर बीमारी की चपेट में आने का खतरा होता है। जिसके चलते नियमानुसार  एंबुलेस के चालक व ईएमटी का समय-समय पर टीकाकरण जरूरी होता…