Daily Archives: September 11, 2020

हिमाचल महासभा, कंगना रनौत के पक्ष में उतरी

चण्डीगढ़: हिमाचल महासभा, चण्डीगढ़ ने लोकप्रिय फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत का पूरी तरह से समर्थन करते हुए महाराष्ट्र सरकार को हिमाचल की बेटी का अपमान करने से बाज आने की चेतावनी दी है। संस्था के…

कोविड से बचने के लिए अस्थमा को रखें नियंत्रित: एक्सपर्ट

मोहाली, 11 सितंबर : कोविड -19 के संपर्क में आने की संभावना को कम करने के लिए अस्थमा और सीओपीडी के रोगियों को उचित इनहेलर और सहायक उपचार के साथ अपनी बीमारी को नियंत्रण में…

महिलाओं के लिए कारगर सखी वन स्टाॅप सैंटर- उपायुक्त, पंचकूला

पंचकूला, 11 सितम्बर – महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला सचिवालय में पीड़ित महिलाओ की सहायता के लिए सखी वन स्टाप सैंटर संचालित किया जा रहा है। इस केन्द्र में शिकायत दर्ज होने के…

गांधी स्मारक भवन सैक्टर 16 चंडीगढ़ में संत विनोबा भावे की 125वीं जयन्ती बड़े श्रद्धा पूर्वक मनाई गई

चंडीगढ़ः गांधी स्मारक भवन सैक्टर 16 चंडीगढ़ में संत विनोबा भावे की 125वीं जयन्ती बड़े श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। इस  अवसर पर सर्व धर्म प्रार्थना, सामूहिक चर्खा कताई एवं श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया | डॉ. देवराज  त्यागी,  निदेशक गांधी स्मारक भवन में श्रद्धांजली अर्पित करते हुए कहा कि भारत रत्न संत विनोबा भावे एक संत थे जिन्होंने अपने  लिए कुछ भी नहीं रखा। यहां तक कि अपने सर्टिफिकेट भी फाड़ कर चूल्हे में जला दिये। अपने लिए कोई चाह  नहीं, कोई  आवश्यकता नहीं, कोई स्वार्थ नहीं, सब परमार्थ के लिए। आज के लोग अपने को गांधीवादी बता कर उनके विपरीत कार्य  कर रहे हैं। गांधी जी के सत्याग्रह को लोग अपने निजी स्वार्थों के कारण उसका दुरूपयोग कर रहे हैं। ऐसे लोगों से हमें  सावधान रहना चाहिए। ऐसे छद्म लोगों की कथनी व करनी में बड़ा अंतर होता है। अरूण जौहर ने इस अवसर पर बताया कि विनोबा जी युवाओं को काम करने के लिए प्रेरित करते थे। विनोबा जी देश की  आज़ादी के लिए पाँच बार जेल गये। जब धुलिया जेल में थे तो उन्होंने गीता पर प्रवचन दिये जो उनकी महत्वपूर्ण देन है। डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि संत विनोबा भावे ने जय जगत का नारा दिया था। आजादी के बाद उन्होंने देश के लिए भूदान  आन्दोलन चलाया। पचास लाख एकड़ ज़मीन दान में प्राप्त करके गरीबों के दान में दी। डॉ. एम. पी. डोगरा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हमारे समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए गांधी एवं विनोबा जी के विचार अपने जीवन में उतारने चाहिए। विनोबा जी ने शिक्षा के तीन आधार माने हैं- योग, उद्योग और सहयोग एवं इसे  चरितार्थ करने के लिए उन्होंने सत्य, प्रेम और करूणा का रास्ता दिखाया। सन् 1940 में गांधी जी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह किया जिसके पहले सत्याग्रही विनोबा थे। विनोबा जी ने 14 वर्ष पद यात्रा तथा भूदान का काम किया। 11 सितम्बर को ही स्वामी  विवेकानन्द ने शिकागो में अपना प्रसिद्ध प्रवचन भी दिया था। आर. डी. कैले एवं कंचन त्यागी ने मधुर भजनों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। समारोह में अमनदीप, डॉ. भूपेन्द्र शर्मा, डॉ. मिशेल, ऊषा शर्मा, पूनम, पापिया चक्रवर्ती, गुरप्रीत एवं आनन्द राव, रमा देवी, अमित, एम. के. विरमानी, डॉ. आर. के  चन्ना, शोभा शर्मा आदि ने भाग लिया। इस अवसर…

In addition to meeting urban requirements, steel companies should focus on manufacturing products to meet rural demand – Faggan Singh Kulaste, Union Minister of State, Ministry of Steel

New Delhi, CII News: Shri Faggan Singh Kulaste, Hon’ble Minister of State, Ministry of Steel, Government of India emphasized the need for increased consumption of ISPAT in India. Shri Kulaste was speaking at the CII…

पंचकूला जिले के गांवों में 50 और नये आक्सीजन जांच केंद्र खोलेगी: आप

पंचकूला,11 सितंबर: आम आदमी पार्टी देश भर में चलाये जा रहे अपने नर सेवा नरायण सेवा कार्यक्रम के तहत जिला पंचकूला  में पड़ते विभिन्न गांवों में शनिवार और रविवार को 50 और नये आक्सीजन जांच…