Category Archives: Lifestyle

रूसी संघ का सांस्कृतिक कार्यक्रम 11 दिसम्बर. नलिनी सिंगल

पंचकूला, 10 दिसंबर- भारत में रूसी संस्कृति के दिन 2018 के अंतर्गत भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और रूसी संघ का सांस्कृतिक मंत्रालय कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा के सहयोग से 11 दिसम्बर को सायं…

बंधवाड़ी गाँव स्थित NGO वृद्ध आश्रम को श्री अमिताभ बच्चन ने पचास लाख रुपये की धन राशि दान में भेट किये

दिल्ली एनसीआर – बंधवाड़ी गाँव, जिला गुरुग्राम में स्थित दि अर्थ सवियर्स फ़ाउंडेशन – NGO के अनाथ वृद्ध आश्रम में रहने वाले सभी 450 बेसहारा, वृध, अपाहिज व बिमार लोगों और सभी स्टाफ कर्मचारी खुशी से झूम उठे जब विश्व…

Serving a Triple Dose of Babbu Maan, Punjabi Film – BANJARA – The Truck Driver Releases on 7th December

Chandigarh 5 Dec (   ) The versatile singer-actor of Punjabi Entertainment Industry whose songs have received not just national but international acclaim as well, and the one who has always backed meaningful cinema – BABBU…

Kshitij’18, Mithibai College’s Annual International Cultural Festival from December 8 Onwards

Mumbai: Kshitij’18, Mithibai College’s Annual International Cultural Festival takes immense pleasure in witnessing a Nostalgic Takeover. Spanning over the course of 4 days, which are the 8th, 9th, 10th and 11th of December, 2018, Kshitij’18 warmly…

Distinguished dubbing artiste Surendra Bhatia voices for BBC’s extraordinary ‘Voice of God’ Sir David Attenborough

Mumbai: BBC Earth known for their seminal show offerings like “Blue Planet”, “Frozen Planet”, “Life Story” and others have roped in illustrious dubbing artiste Surendra Bhatia after a row of auditions in India to give…

RadioMirchi announces the Fifth edition of the ‘Mirchi Music Awards Punjabi’

Chandigarh,November 29, 2018: After the repeated grand successessince 2014, Radio Mirchi, India’s leading radio station is all set to organize thefifth edition of the ‘Mirchi MusicAwards Punjabi’. Mirchi Music Awards Punjabi aims to celebrate the various forms…

Karanvir Sharma on his off-screen relationship with Manoj Joshi: ‘Mangalam Dangalam’ – Kabhi Pyaar Kabhi Vaar’

Chandigarh:  Karanvir Sharma, who has recently been raking in the praise and rising in popularity for his roles in different web series, opens up about his off-screen relationship with veteran Bollywood and Television actor Manoj Joshi as since they have been…

10th Chandigarh National Crafts Mela inaugurated today

  Chandigarh, 9th November, 2018: The 10th Annual Chandigarh National Crafts Mela which is being jointly organized by the Department of Cultural Affairs, Chandigarh Administration and North Zone Cultural Centre (NZCC), was inaugurated today at Kalagram by Sh. Arun Kumar Gupta, IAS,…

महालक्ष्मी पूजा- दीवाली -7 नवंबर- -बुध्वार, दीवाली पर क्या करें ?

चंडीगढ़/ मदन गुप्ता ‘सपाटू’ : दीवाली पूजन का शुभ समय सायंकाल  रात्रि 19.10 से 22.30 तक रहेगा जिसमें दीपदान, महालक्ष्मी, गणेश पूजन, बही खाता पूजन, धर्म तथा गृहस्थलों , व्यापारिक सस्थानों में दीप प्रज्जवलन, परिचितों…

मि. इंडिया 2018 प्रतियोगिता में आर्य सिंह बने बैस्ट हेयर स्टाईल

पंचकूला,29 अक्तूबर। आम आदमी पार्टी पंचकूला की युवा विंग के अध्यक्ष आर्य सिंह मि. इंडिया 2018 की प्रतियोगिता में बैस्ट हेयर स्टाईल का खिताब जीता है। नई दिल्ली में हुए ग्रैंड फैनाले में आर्य सिंह…

क्या 27 अक्तूबर को करवा चौथ पर तारा डूबने पर भी नवविवाहिताओं को करनाचाहिए उद्यापन

चंडीगढ़/ मदन गुप्ता सपाटू –  जब भी हमारे हिन्दू पर्व आते हैं अक्सर मत मतांतर हो सकते हैं परंतु यह धर्म बहुतही विशाल है और सदा तर्क तथा वैज्ञानिक आधार पर टिका है। देश काल तथापात्र अनुसार समय समय पर इसमें परिवर्तन किए जाते रहे हैं। काफी विद्वानों कीशास्त्रानुसार मान्यता रही है कि जब शुक्र अस्त हो तो नव विवाहितों को करवा चौथपर उद्यापन नहीं करना चाहिए। इस बार भी ऐसी ही असमंजस की स्थिति है ।परंपरानुसार करवा चौथ का उद्यापन पुत्री के अभिभावक मायके में ही करवाते हैंजो एक साल छोड़कर  अर्थात पहले , तीसरे पांचवें  सातवें साल में करवाया जाताहै।     शुक्र ग्रह जो वैवाहिक कार्यों के लिए शुभ माने गए हैं वे 16 अक्तूबर से 1 नवंबर तक अस्त रहेंगे। इसी लिए तारा डूबने के कारण इस वर्ष  इसदौरान अक्तूबर नवंबर में विवाह के मुहूर्त नहीं हैं। परंतु शुक्रास्त के कारण शेष सभी पर्व या व्रत जिनका संबंध विवाह के बाद होने वाले कार्यक्लापों जैसे करवा चौथ का व्रत , इससे संबंधित दान,उपहार देने  या उद्यापन  या संतान्नोपत्ति आदि से है, न किए  जाएं,  यह तर्क सम्मत नहीं हैं। शुक्र अस्त होने पर केवल विवाह के पाणिग्रहणसंस्कार को वर्जित कहा गया है ताकि वैवाहिक जीवन में शुभता बनी रहे परंतु विवाह के बाद के समस्त कार्यों को इस अवधि में वर्जित करनाकहां तक सकारात्मक ,तर्कसंगत या क्रियात्मक है?  इसमें मत मतांतर हो सकता है परंतु हमारा मत यही है कि विवाहेत्तर धार्मिक अनुष्ठानों  मेंशुक्रास्त का विचार नहीं करना चाहिए अतः करवा चौथ पर अपने विवेक से व्रत रखें , उद्यापन करें और सभी परंपराओं को निभाने में कोईअशुभता नहीं है।  एक प्रशन \ गत कई सालों में जब गुरु और शुक्र अस्त हुए हैं ] सभी मांगलिक कार्य हुए हैं। 19 अक्तूबर को दशहरा मनाया गया, 31 अक्तूबर को महिलाएं अहोई अष्टमी पर सन्तान और पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखेंगी। क्यावह मांगलिक कार्य सुहाग से संबंधित नहीं होगा। गत वर्ष हमने दीवाली मनाई ]और शुक्र अस्त था। शुक्र का संबंध विवाह के शुभ समयसे है न कि गृहस्थी के कार्यक्लापों से है। क्या  शुक्रास्त पर सन्तानोपत्ति  न की जाए \या  गर्भस्थ शिशु  पर भी कोई प्रभाव पड़ेगा ] करवा चौथ कार्तिक कृष्ण पक्ष में करक चतुर्थी अर्थात करवा चौथ का लोकप्रिय व्रत सुहागिन और अविवाहित स्त्रियां पति की मंगल कामना एवं दीर्घायु केलिए निर्जल रखती हैं। इस दिन न केवल चंद्र देवता की पूजा होती है अपितु शिव-पार्वती और कार्तिकेय की भी पूजा की जाती है। इस दिनविवाहित महिलाओं   और कुंवारी  कन्याओं  के लिए गौरी पूजन का भी विशेश महात्म्य है।आधंुनिक युग में चांद से जुड़ा यह पौराणिक  पर्व महिला दिवस से कम नहीं है जिसे पति व मंगेतर अपनी अपनी आस्थानुसार मनाते हैं। करवा चौथ का दिन और संकष्टी चतुर्थी जो कि भगवान गणेश के लिए उपवास करने का दिन होता है एक ही समय होते हैं। विवाहित महिलाएँपति की दीर्घ आयु के लिए करवा चौथ का व्रत और इसकी रस्मों को पूरी निष्ठा से करती हैं। विवाहित महिलाएँ भगवान शिव माता पार्वती औरकार्तिकेय के साथ.साथ भगवान गणेश की पूजा करती हैं और अपने व्रत को चन्द्रमा के दर्शन और उनको अर्घ अर्पण करने के बाद ही तोड़ती हैं।करवा चौथ का व्रत कठोर होता है और इसे अन्न और जल ग्रहण किये बिना ही सूर्योदय से रात में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता है। करवा चौथ के दिन को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। करवा या करक मिट्टी के पात्र को कहते हैं जिससे चन्द्रमा को जल अर्पण जोकि अर्घ कहलाता हैए किया जाता है। पूजा के दौरान करवा बहुत महत्वपूर्ण होता है और इसे ब्राह्मण या किसी योग्य महिला को दान में भी दियाजाता है।  करवा चौथ पूजा मुहूर्त. 17.36 से 18.54 चंद्रोदय. 20.00 चतुर्थी तिथि आरंभ. 18.37 ;27 अक्तूबर चतुर्थी तिथि समाप्त. 16.54 ;28 अक्तूबर कैसे करें पारंपरिक व्रत? प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करके पति,पुत्र,पौत्र,पत्नी तथा सुख सौभाग्य की कामना की इच्छा का संकल्प लेकर निर्जल व्रत रखें। शिव,पार्वती, गणेश  व कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र का पूजन करें। बाजार में मिलने वाला करवा चौथ का चित्र या कैलेंडर पूजा स्थान पर लगा लें।चंद्रोदय पर अर्घ्य दें। पूजा के बाद  तांबे या मिटट्ी के करवे में चावल, उड़द की दाल भरें । सुहाग की सामग्री,- कंघी,सिंदूर ,चूड़ियां,रिबन,रुपये आदि रखकर दान करें। सास के चरण छूकर आर्शीवाद लें और फल, फूल, मेवा, बायन, मिश्ठान,बायना, सुहाग सामग्री,14पूरियां ,खीरआदि उन्हें भेंट करें। विवाह के प्रथम वर्श तो यह <span style=”font-size:13.5pt;fon